संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
Updated Sat, 29 Jul 2023 01:08 AM IST
चित्रकूट। विधवा से दुष्कर्म के दोषी को कोर्ट ने 10 साल की सजा सुनाई है। 15 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। यह फैसला महज दो साल में आया।
शुक्रवार को जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी श्याम सुंदर मिश्रा ने बताया कि सदर कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत एक वृद्धा ने दुराचार के मामले में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पीड़िता के अनुसार 21 जून 2021 को आरोपी धीरेन्द्र कुमार प्रजापति ने रात को सोते समय उसे दबोच लिया और दुष्कर्म किया। इसकी शिकायत कर्वी कोतवाली में करने पर पुलिस ने समझौता करा दिया। इसमें आरोपी ने शपथ पत्र देकर कहा था कि दोबारा वह ऐसी घटना नहीं करेगा। इसके बावजूद 18 अगस्त 2021 की रात में आरोपी ने उसके साथ दुष्कर्म किया। शोरगुल करने पर गाली गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी। पीड़िता के अनुसार उसने घर में छोटी सी श्रृंगार सामग्री की दुकान रखी थी और आए दिन आरोपी उसके साथ दुकान और घर में आकर छेड़खानी करता था। इसी क्रम में सात अक्टूबर 2021 को जब वह घर में सो रही थी तो आरोपी घर की बाउंड्री से कूदकर अंदर आया और दुष्कर्म करने के साथ पिटाई भी की और उसकी बेटियों का गला दबाने का प्रयास भी किया। पीड़िता ने इसकी सूचना तत्कालीन कोतवाली प्रभारी को दी लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद उसने न्यायालय की शरण ली।
न्यायालय ने पीड़िता के प्रार्थना पत्र को स्वीकार करते हुए अभियोग पंजीकृत कर विवेचना के आदेश दिए। जिसके बाद पुलिस ने धीरेन्द्र कुमार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की और न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। बचाव और अभियोजन पक्ष के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद जिला जज विष्णु कुमार शर्मा ने निर्णय सुनाया। जिसमें दोष सिद्ध होने पर आरोपी धीरेन्द्र कुमार को 10 वर्ष कठोर कारावास की सजा सुनाई। साथ 15 हजार रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया है।
