Spread the love


ललितपुर। आगजनी की घटना होने पर प्रभावित लोगों को कम समय में सहायता मिल सके। इसके लिए अब मड़ावरा व पाली में भी फायर स्टेशन बनाया जाएगा। इन नवनिर्मित होने वाले फायर स्टेशन के लिए 4200-4200 वर्ग मीटर जमीन भी चिह्नित कर ली गई है। अब जल्द ही यहां पर निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। यह बात शुक्रवार को जनपद दौरे पर आए डीआईजी फायर जुगल किशोर तिवारी ने दी। उन्होंने बताया कि शासन ने मुख्यालय के बाद प्रत्येक तहसील पर एक फायर स्टेशन स्थापित करने के निर्देश दिए हैं।

संसाधनों से जूझ रहे जिला मुख्यालय स्थित फायर स्टेशन को वर्ष 2020 में शासन ने 13.50 करोड़ की लागत से नई इमारत बनाए जाने के बाद तहसील में तालबेहट और महरौनी में फायर स्टेशन बनाना तय हुआ है। इसके लिए जगह भी चिह्नित कर ली गई थी। अब तहसील मड़ावरा व पाली में भी फायर स्टेशन बनाए जाने को हरी झंडी मिल चुकी है। फायर सर्विस विभाग ने इसके लिए मड़ावरा व पाली में 4200-4200 वर्ग मीटर की जमीन चिह्नित कर ली है। जनपद दौरे पर आए डीआईजी फायर जुगल किशोर तिवारी ने बताया कि शासन को इसकी डीपीआर भेजी जाएगी। इसके बाद स्वीकृति मिलते ही दोनों स्थानों पर निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।

आग बुझाने बुलेट पर आएंगे फायर सर्विस मैन

डीआईजी फायर ने बताया कि जनपद में जल्द ही फायर सर्विस मैन बुलेट पर आग बुझाने के लिए पहुंचेगे। इसके लिए बुलेट बाइक की खरीद की जा रही है। आगजनी की घटना होने पर संकरी-तंग गलियों में जहां पर फायर सर्विस विभाग का चार पहिया वाहन नहीं पहुंच पाता है वहां पर अब बुलेट से फायर सर्विस मैन पहुंचेगे। इन बुलेट में दोनों तरफ 10-10 लीटर के पानी के टैंक होंगे और एक ऑक्सीजन सिलेंडर भी बाइक पर होगा।

महरौनी तालबेहट में प्रस्तावित है फायर स्टेशन बनना

शासन ने प्रत्येक तहसील पर एक-एक फायर स्टेशन स्थापित करने के निर्देश दिए हुए है। जिसके क्रम में महरौनी व तालबेहट में फायर स्टेशन बनाया जाना प्रस्तावित है। इन दोनों जगहों पर जमीन भी चिह्नित कर ली थी। सिर्फ निर्माण कार्य शुरू होना है।

डीआईजी फायर के निरीक्षण में मिली कमियां

शुक्रवार को डीआईजी फायर जुगल किशोर जनपद पहुंचे। यहां पुलिसकर्मियाें ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया। इसके बाद डीआईजी फायर ने नवनिर्मित फायर स्टेशन की इमारत का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण में काफी कमियां पाई गई। इसमें छत पर दरारें, पानी पाइप लाइन टूटी-फूटी, फर्श में दरारें सहित अन्य कमियां पाई गई। जबकि 13.50 करोड़ की लागत से निर्मित की गई यह इमारत हाल ही में कार्यदाई संस्था ने विभाग को हैंडओवर कर दी है। कार्यदाई संस्था को निर्देश दिया है कि इमारत में जो भी काम कॉलोनी, बाउंड्रीवॉल, लाइट कनेक्शन सहित अन्य कार्य शेष रह गए हैं। जिन्हें तेजी के साथ पूरा किया जाए।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *