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बांदा। शहीदाने कर्बला की याद में मनाए जाने वाले मोहर्रम की आठवीं को मेहंदी ताजिया के जुलूस निकले। कोतवाली के सामने इनका मिलाप हुआ। जुलूस में किशोरावस्था और युवा वर्ग के लोग शामिल हुए।

गुरुवार को शहर के विभिन्न छह इमामबाड़ों से मेहंदी ताजिया जुलूस निकले। मर्दननाका से रशीद, हाथीखाना अलीगंज से टिर्रा, रब्बानिया के सामने वाली गली से कुदउवा किन्नर, खुटला से मनिहारों का, मर्दननाका कुंजरहटी से सब्जी फरोशों और अलीगंज से पीरा की मेहंदी ताजिया निकला। सभी ताजिए कोतवाली के सामने पहुंचे। यहां अकीदतमंदों का हुजूम रहा। कुछ देर बाद दोपहर में मिलाप की रस्म हुई।

जोर-जोर से ढोल ताशे बजे। मिलाप के बाद ताजियों का जुलूस अलग-अलग रास्तों से होते हुए अपने इमामबाड़े में पहुंचे। सभी जुलूसों में जगह-जगह लंगर हुए। धूप और उमस में लोगों की हालत खराब रही। कई स्थानों पर हिंदू समाज के लोगों ने भी लंगर किए। जुलूस में शामिल हुए। जुलूस से रास्तों पर यातायात बाधित रहा।

उधर, मोहर्रम की सातवीं को बांदा रोटी बैंक सोसाइटी की ओर से जिला कार्यालय जिला परिषद रोड पर अकीदतमंदों को पानी, बिस्किट का लंगर किया गया। यहां संरक्षक शेख सादी जमा, अध्यक्ष रिजवान अली, फोटोग्राफर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष सुनील सक्सेना, मोहर्रम कमेटी जिलाध्यक्ष शीबू नियाजी, पेशकार तुलसीदास श्रीवास, मोहम्मद शमीम, मोहम्मद अजहर, अख्तर किरमानी आदि सभी सदस्य मौजूद रहे।



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