ललितपुर। जिला पंचायत में अध्यक्ष व सदस्यों के बीच चल रहा संघर्ष समाप्त होने का नाम नहीं ले रहा है। अध्यक्ष ने हाल ही में आठ सदस्यों पर एफआईआर दर्ज कराई थी, जबकि उनके खिलाफ जो डीएम को ज्ञापन दिया गया था, उसमें नौ सदस्यों ने ज्ञापन दिया था। जिस एक सदस्य नरेंद्र झा का नाम अध्यक्ष की एफआईआर में नहीं था, उसे अध्यक्ष के पाले में माना जा रहा था, लेकिन इसका भ्रम अब समाप्त हो चुका है, नरेंद्र झा ने डीएम व एसपी को पक्ष देकर अध्यक्ष ने जो मुकदमा दर्ज कराया है, उसको झूठा करार दिया है।
जिला पंचायत के वार्ड नंबर 19 कैलगुवां के सदस्य नरेंद्र झा ने जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक को पत्र देकर जिला पंचायत अध्यक्ष के दर्ज कराए मुकदमे को खारिज करने की मांग की है। उन्होंने पत्र में बताया कि जिला पंचायत अध्यक्ष कैलाश निरंजन के कार्यकाल में जमकर भ्रष्टाचार व अनिमिताएं हुई हैं, जिसकी शिकायत जिलाधिकारी ने की गई। इससे नाराज होकर अध्यक्ष ने झूठे आरोप लगाते हुए, कोतवाली में मुकदमा दर्ज करा दिया है। उन्होंने डीएम व एसपी से सदस्यों पर दर्ज झूठे मुकदमें को खारिज करने की मांग उठाई है।
दो अगस्त को क्षेत्रीय अध्यक्ष ने बुलाई पंचायत
भाजपा सूत्रों की मानें तो जिला पंचायत अध्यक्ष व जिला पंचायत के भाजपा सदस्यों को दो अगस्त के दिन क्षेत्रीय अध्यक्ष कानपुर व प्रदेश अध्यक्ष ने कानपुर सभी की बैठक बुलाई है। चर्चा में है कि उसी दिन पूरे प्रकरण हा निपटरा हो जाएगा। हालांकि इस प्रकरण को लेकर कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह को मंडल दौरा भी प्रमुख माना रहा है, क्योंकि जिला पंचायत अध्यक्ष के उनसे करीब संबंध माने जाते हैं।
