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कमासिन। किसान यदि सिंचाई वाले पाइप के मुहाने हींग के साथ कपड़ा बांधते हैं तो सिंचाई के दौरान दीमक के बारे में पता लगाया जा सकता है। इससे समय पर फसल को उपचार मिलेगा और इससे फसल को नुकसान नहीं होगा।

कमासिन ब्लॉक में कृषि सूचना तंत्र एवं सुद्धढ़ीकरण से संबंधित ब्लॉक स्तरीय गोष्ठी हुई। इसमें मुख्य अतिथि सांसद आरके पटेल रहे। उन्होंने किसानों को रासायनिक खाद की बजाय जैविक खाद अपनाने की सलाह दी। साथ ही मोटे अनाजों के उत्पादन पर जोर दिया। मुख्य कृषि वैज्ञानिक डॉ. श्याम सिंह व कृषि फार्म अधीक्षक बांसी बुधराज सिंह पटेल ने कृषि संबंधित तकनीकी जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि फसल सूखने की पहचान और दीमक लगने की जानकारी खेत में गोबर डालने से होगी। बताया कि रवि फसल में सिंचाई वाले पाइप के मुहाने पर कपड़े में हींग बांधकर सिंचाई करें। इससे दीमक का पता चल सके। खेत की उर्वरा शक्ति भी बढ़ेगी तथा पैदावार में दोगनी वृद्धि होगी। खरीफ एवं रबी फसलों पर लगने वाले रोगों व कीटाणुओं से बचाने के लिए विभिन्न दवाओं की जानकारी दें। गोष्ठी में अपर कृषि निदेशक विजय कुमार, जिला कृषि अधिकारी डॉ प्रमोद कुमार, शिव कुमार पटेल, रोहित पटेल, अरुण कुमार सिंह राजेंद्र प्रेम प्रकाश दीनानाथ संदीप प्रवीण राठौर मौजूद रहे।



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