बांदा। रोडवेज में रविवार को बसों का जमावड़ा लगा रहा। कई-कई घंटे गर्मी में सवारियों को बस में बैठे रहने को मजबूर होना पड़ा। बस चालक और परिचालक 25 सवारियों का इंतजार करते रहे और इस वजह से तीन से चार घंटे तक कई बसें खड़ी रहीं। सबसे ज्यादा समस्या हमीरपुर, महोबा, नरैनी, फतेहपुर आदि को जाने वाली बसों में रही, हालांकि कानपुर की बसों में यह दिक्कत कम देखी गई।
शासन ने निर्देश जारी किए हैं कि रोडवेज की बसें अब 25 से कम सवारी होने पर नहीं चलाई जाएंगी। रास्ते में कम सवारी होने पर दूसरी बस में यात्रियों को भेजा जाएगा। घाटे से उबरने के लिए परिवहन निगम ने यह मानक तैयार किए हैं, जिसको रविवार से लागू कर दिया गया। लेकिन, इससे सवारियों को काफी असुविधा हुई। बांदा डिपो से प्रतिदिन 111 बसों का संचालन होता है। इसमें 35 बसें कानपुर के लिए, 40 बसें प्रयागराज के लिए शेष 36 बसों का संचालन हमीरपुर, महोबा, नरैनी, फतेहपुर के लिए प्रतिदिन किया जाता है। सवारियों के इस इंतजार में बसों को आगे नहीं बढ़ाने से यात्रियों को काफी परेशानी हो रही है। इस वजह से दो से तीन घंटे तक डिपो में ही बसें खड़ी रहीं। सबसे ज्यादा समस्या उन रूटों में रहीं जहां पर बसों का संचालन कम होता है। इसमें हमीरपुर, महोबा, नरैनी, फतेहपुर रूटों में जाने के लिए सवारियों को बस चलने का काफी देर इंतजार करना पड़ा। फतेहपुर निवासी राजेश कुमार ने बताया कि दो घंटे से इंतजार कर रहा है, सवारियां कम होने से एक बस कैंसिल कर दी गई है। यात्री मेहरूनिशा ने बताया कि उन्हें कानपुर जाना था, एक घंटे हो गए गर्मी में बुरा हाल है। एआरएम लक्ष्मण सिंह ने बताया कि 25 सवारियां से कम होने पर बसों के न जाने पर रोक लगाई गई है। फिर भी 18 से 20 सवारियों पर भी बसें भेजी जा रही हैं।
