संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। जिले के ग्रामीण इलाकों में 20 करोड़ की लागत से जर्जर विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को जल्द दुरुस्त किया जाएगा। इसके लिए विभाग के अधिकारियों ने उच्चाधिकारियों को प्रस्ताव बनाकर भेजा है। स्वीकृति मिलने पर जल्द ही काम शुरू हो जाएगा। गर्मी के दिनों में बिजली की खपत बढ़ने से ट्रांसफार्मरों के ओवरलोड और जर्जर बिजली के तारों के टूटने से ग्रामीण इलाकों में ज्यादा समस्या आती है। इससे आए दिन आपूर्ति ठप रहने से लोगों को बिजली की समस्या से जूझना पड़ता है। इससे राहत दिलाने के लिए जल्द ही काम शुरू किया जाएगा।
दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम ने संज्ञान लिया है। जिसमें ग्रामीण इलाकों में बारिश के मौसम में आंधी के दौरान ग्रामीण इलाकों के जर्जर बिजली के तार लोड बढ़ते ही टूट जाते हैं। वहीं, ग्रामीण क्षेत्रों के तकरीबन 130 ओवरलोड ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि की जाएगी। यह ट्रांसफार्मर आए दिन ओवरलोड के चलते फुंक जाते हैं। जिससे आपूर्ति ठप होने से बिजली और पानी की समस्या से लोगों को जूझना पड़ता है। विभाग की तरफ से ऐसे तकरीबन 130 ट्रांसफार्मरों की क्षमतावृद्धि की जाएगी। साथ ही जिन इलाकों में बिजली के तार बहुत ही जर्जर हैं, जो लोड बढ़ने पर आए दिन टूट जाते हैं। ऐसे क्षेत्रों को चिह्निंत करके 20 करोड़ की लागत से ग्रामीण इलाकों में बिजली व्यवस्था को दुरुस्त किया जाएगा। अधिशासी अभियंता राहुल कुमार ने बताया कि ग्रामीण इलाकों के जर्जर बिजली के तार और ओवरलोड ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि कराए जाने के लिए 20 करोड़ की लागत का प्रस्ताव बनाकर उच्चाधिकारियों को भेजा गया है, स्वीकृति मिलने पर जल्द बिजली के तार बदलने और क्षमता वृद्धि का काम शुरू किया जाएगा। इससे ग्रामीण इलाकों की बिजली व्यवस्था पहले से ज्यादा दुरुस्त हो जाएगी।
