चित्रकूट/मानिकपुर। हाईस्कूल की एक छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म मामले में सपा के पूर्व मंत्री के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल उसके घर जाकर परिजनों से मुलाकात की। पीड़िता समेत उसके परिजनों से अलग अलग बातचीत कर पूरे मामले की जानकारी ली। इसके बाद बताया कि स्थानीय पुलिस की भूमिका सही नहीं है। भाजपा के कुछ नेताओं के दबाव के चलते कई निर्दोष को फंसाकर दोषियों को बचाया गया है। पीड़ित परिवार को सुरक्षा व आर्थिक मदद दिलाने की मांग की है।
सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर मानिकपुर की एक छात्रा के साथ शिक्षकों द्वारा सामूहिक दुष्कर्म मामले में एक प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को उसके घर पहुंचा। प्रतिनिधि मंंडल का नेतृत्व कर रहे पूर्व मंत्री रामआसरे विश्वकर्मा के साथ, सदर विधायक अनिल प्रधान, जिलाध्यक्ष शिवशंकर यादव, पूर्व सांसद बालकुमार पटेल, पूर्व विधायक वीर सिंह पटेल, पूर्व जिलाध्यक्ष अनुज यादव व भइयालाल भी मौजूद रहे। लगभग दो घंटे तक प्रतिनिधिमंडल ने छात्रा समेत उसके माता पिता से बातचीत की और इस दौरान उन्हें न्याय दिलाने के लिए संघर्ष करने का भरोसा दिया। पांच माह से छात्रा के साथ दुष्कर्म होने की शिकायत दो बार प्रधानाचार्य से करने के बाद भी उसे रोका नहीं गया। ऐसे में प्रधानाचार्य पर कार्रवाई न होना आश्चर्य है।
प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि एक फरवरी को कालेज के नए भवन में इरशाद नामक शिक्षक ने छात्रा से दुष्कर्म कर वीडियो बनाया। इसके बाद से यह क्रम चल रहा था। इसमें कई शिक्षक शामिल होते गए। दावा किया कि स्थानीय पुलिस की भूमिका सही नहीं है। प्रधानाचार्य को छोड़ा गया। आदित्य नामक दूसरे शिक्षक को जेल भेजा गया इसके अलावा छात्रा के फुफेरे भाई को बिना शिकायत पर जेल भेजा गया है। इस पूरे मामले की जानकारी हाईकमान को दी जाएगी। इस मौके पर नरेंद्र यादव, गुलाब खान, अमर सिंह, सुभाष पटेल आदि मौजूद रहे।
