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नरैनी/कालिंजर। कालिंजर के गुढ़ा कला गांव के बास बागै नदी में एक युवक की डूबकर मौत हो गई। वह अपने पांच मित्रों के साथ हनुमान मंदिर दर्शन के लिए आया था। नदी में नहाते वक्त वह भंवर में फंस गया। इससे पहले कि साथी उसे बचाने का प्रयास करते, वह डूब चुका था। उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

मंगलवार को अतर्रा कस्बे के सुलख थोक निवासी नीलकमल उर्फ गब्बर (26) पुत्र रामबिहारी सिंह कार से मोहल्ले के दोस्त निहाल सिंह, छोटू उर्फ आयुष, वीरेंद्र सिंह, हिमांशु सिंह, रोहन सिंह के साथ सुबह आठ बजे कस्बे से गुढ़ा हनुमान मंदिर दर्शन के लिए आया था।

दर्शन से पहले वह दोस्तों के साथ नदी में नहाने के लिए गया। बताया गया कि मंदिर से करीब डेढ़ सौ मीटर पर दोस्त नहा रहे थे। कुछ दूरी पर नीलकमल खतरनाक कही जाने वाली चट्टान पर चढ़ गया और उसने नदी में छलांग लगा दी।

चट्टान के पास जहां वह कूदा था, वहां भंवर का खतरा रहता है और इसी वजह से उसकी डूबकर मौत हो गई। घटना देख उसके दोस्त उसे बचाने के प्रयास के लिए आगे बढ़े और मदद के लिए गुहार लगाई, लेकिन नीलकमल को नहीं बचा सके। घटना के दो घंटे बाद युवक को खोज कर निकाला गया।

थाना प्रभारी हरिद्वार प्रसाद व सढ़ा चौकी पुलिस फोर्स के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। युवक को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर गए, लेकिन वहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई की तो परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से मना कर दिया। बाद में समझाने पर मान गए।

-नीलकल दो भाइयों में से सबसे बड़ा था, छोटा भाई संस्कार उर्फ छोटू 21 वर्ष का है। उसकी शादी पिछले साल 23 नवंबर को सतना के पतौरा गांव में नीतू के साथ हुई थी। पत्नी व परिवार के सभी लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है।

-खूनी चट्टान के नाम से प्रसिद्ध हो चुकी इस जगह पर श्रद्धालुओं को नहाने की मनाही है। कई पूर्व में हुई एक घटना के बाद ब्लास्टिंग कराकर चट्टान का मलबा जेसीबी मशीन से हटवाया था। कुछ दिनों तक प्रशासन बैरीकेडिंग भी की, लेकिन अब फिर से इस चट्टान के पास बिना रोक-टोक के लोग नहाने जा रहे हैं।



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