बांदा। जनपद में मिलावट का कारोबार खूब फल फूल रहा है। दूध से लेकर घी, तेल और मिठाइयों तक में जबरदस्त मिलावट हो रही है। डेढ़ सालों 182 नमूनों में प्रयोगशाला से 87 नमूने फेल आए। इनमें 18 में गंभीर मिलावट के पाए गए।
मिलावटखोर लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने से नहीं चूक रहे है। पहली अप्रैल 2022 से जुलाई 2023 तक के आंकड़ों पर गौर करे तो सबसे ज्यादा दूध, पनीर, खोया के नमूने फेल हुए हैं। इसके बाद दूध से बनी मिठाई भी मानकों पर खरी नहींं उतर रही है। यहां तक कि मिठाइयों में स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक घातक कलर व नकली वर्क इस्तेमाल कर रहे हैं। इसके अलावा दाल से लेकर मसाले तक के नमूने फेल साबित हुए हैंं। इसके बाद भी विभाग गंभीर नहीं है।
अभिजीत अधिकारी अजीत कुमार ने बताया कि विभाग की टीम लगातार छापेमारी करके नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला लखनऊ भेजती है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सहित अपर जिलाधिकारी की अदालत से 44 मामलों में 39 व्यापारियों पर सवा दो लाख तक का जुर्माना किया गया है।
बताया कि डेढ़ सालों में 18 नमूने असुरक्षित गंभीर प्रकृति के पाए गए है, उनमें दूध, घी, पान मसाला, खोया आदि शामिल हैं। जिनके विरूद्ध सीजेएम न्यायालय में वाद दायर किए गए है।
