ग्राम प्रधानों ने सचिव के साथ मिलकर चहेतों को लाभ पहुंचाने के लिए निजी भूमि पर बना दिए थे सार्वजनिक शौचालय
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। विकास खंड बिरधा की तीन ग्राम पंचायतों में सार्वजनिक शौचालय का निर्माण ग्राम सभा की भूमि पर न करके निजी भूमि पर कर दिया गया। यह खुलासा जिलाधिकारी की जांच में उजागर हुआ था। इसके बाद सचिव को निलंबित कर दिया गया है। अब तीनों ग्राम प्रधानों व सचिव से 9 लाख 89 हजार रुपये की वसूली के नोटिस जारी किए गए हैं।
विकास खंड बिरधा की तीन ग्राम पंचायतें दूधई, डुगंरिया व अनौरा में सार्वजनिक शौचालय का निर्माण ग्राम सभा जमीन पर होना था, लेकिन सचिव व प्रधानों ने निजी लोगों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से नियम विरुद्ध तरीके से निजी भूमि पर शौचालयों का निर्माण करा दिया। इसके बाद इनके संचालन के लिए भूस्वामी के परिवार के लोगों को तैनाती की योजना तैयार की थी।
जब यह प्रकरण जिलाधिकारी के संज्ञान में आया तो उन्होंने इसकी जांच मुख्य विकास अधिकारी को सौंपी। मुख्य विकास अधिकारी की गठित टीम ने जांच में पाया कि तीनों ग्राम पंचायतों में प्रधान ने सचिव के साथ मिलकर अपने चहेतों को लाभ पहुंचाने के लिए यह कदम उठाया है। इसके बाद सचिव के खिलाफ निलंबन की कार्यवाही की गई।
अब जिलाधिकारी ने तीनों प्रधान व सचिव से रकम वसूली के आदेश जारी किए हैं। बताते चलें कि इन तीनों ग्राम पंचायतों में सचिव के तौर पर ग्राम विकास अधिकारी वीरेंद्र प्रताप की तैनाती थी। तीनों ग्राम पंचायतों से 989416 रुपये की वसूली होना है। जिसमें से वीरेंद्र प्रताप से 494709 रुपये व बाकी आधी धनराशि दुधई के तत्कालीन प्रधान सोबरन सिंह से 207689 रुपये, डुगंरिया के तत्कालीन प्रधान बलवंत सिंह से 143412 रुपये और अनौरा की तत्कालीन प्रधान संजना सिंह से 143608 रुपये की वसूली निर्धारित की गई है।
सचिव को पहले ही जिलाधिकारी ने निलंबित कर दिया था। अब तीनों तत्कालीन ग्राम प्रधानों व सचिव से वसूली के आदेश जारी किए गए हैं। सभी को नोटिस जारी कर दिया गया है। -नवीन मिश्रा, जिला पंचायत राज अधिकारी।
