संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Sat, 02 Sep 2023 11:35 PM IST
बांदा। अनुसूचित जाति की महिलाओं को अपमानित कर उनको मारपीट व जान से मारने की धमकी देने के मामले में दोषी को 22 वर्ष बाद विशेष न्यायाधीश एससीएसटी-अपर सत्र न्यायाधीश द्वितीय अनु सक्सेना की अदालत ने 6 माह की सजा सुनाई। साथ ही अन्य धाराओं मे सजा सहित तीन हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर 15 दिन की अतिरिक्त सजा काटनी होगी।
विशेंष लोक अभियोजक विमल सिंह व डॉ. महेंद्र द्विवेदी ने बताया कि नरैनी थाना क्षेत्र के चंद्रनगर मजरा गंगापुरवा निवासी राजेंद्र प्रसाद ने 29 दिसंबर 2001 को प्राथमिकी दर्ज करायी कि उसकी पत्नी व उसके चाचा की लड़की हार-खेत में चने की भाजी तोड़ने गई थी।
रास्ते में गंगापुरवा निवासी बाबू जी उर्फ सत्यनारायण रास्ते मे मिला और कहा कि मेरे खेत से भाजी तोड़कर लायी हो। इसी बात को लेकर उसकी पत्नी को गाली गलौच कर लात घूसे से मारा पीटा और जान से मारने की धमकी दी है।
इस मामले का आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया गया। मामले की सुनवाई में पांच गवाह पेश किए गए। पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्यों व अधिवक्ताओं की दलीलों को देखते हुए न्यायाधीश ने अपने 18 पृष्ठीय फैसले में सत्यनारायण को सजा सुनाई।
