बांदा। इसरो के सूर्य मिशन आदित्य एल-1 को जब शनिवार सुबह 11.50 बजे आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्पेस स्टेशन से लॉन्च किया गया तो शहर की बेटी का इस मिशन में अहम योगदान होने की वजह से से बांदा के लोगों में दोगुनी खुशी थी।
इसरो वैज्ञानिक ऋचा पाठक बेंगलुरू में साइंटिस्ट (एफ) के पद पर हैं और आदित्य एल-वन में डिप्टी प्रोजेक्ट डायरेक्टर की भूमिका के साथ इंजन की डिजाइन टीम में शामिल रहीं।
मध्य प्रदेश में जलसंस्थान से जेई पद से सेवानिवृत अतर्रा चुग्गी शास्त्री नगर निवासी वीरेंद्र वीर पाठक ने बताया कि उनकी बेटी ऋचा लांचिंग के दौरान श्रीहरिकोटा में ही अपनी टीम के साथ थीं।
वह डिजाइन टीम में डिप्टी प्रोजेक्ट डायरेक्टर है। दामाद राम प्रसाद भी इसरो में वैज्ञानिक हैं, लेकिन वह इस प्रोजेक्ट में शामिल नहीं थे। उन्होंने बताया कि बेटी ऋचा का रीवा में 12वीं पास करने के बाद भोपाल से स्नातक और परास्नातक करने के दौरान ही वर्ष 2006 में इसरो (स्पेस रिसर्च ऑर्गनाईजेशन) में साइंटिस्ट-सी पद पर चयन हो गया था।
