बांध के पुनर्वास और सुधार परियोजना फेज-2 के तहत भेजी गई कार्ययोजना को मिली मंजूरी
शासन से धनराशि जारी होते ही पिचिंग, सोलर लाइट, डाउन स्ट्रीम का सुदृढ़ीकरण व मरम्मत सहित कराए जाएंगे अन्य कार्य
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। बांधों के पुनर्वास और सुधार परियोजना फेज-2 के तहत शहजाद बांध के जीर्णोद्धार के लिए 9.71 करोड़ रुपये की कार्ययोजना सिंचाई विभाग ने शासन को भेजी थी। इसे मंजूरी मिल गई है। शासन से धनराशि जारी होने के बाद बांध के जीर्णोद्धार का कार्य शुरू हो जाएगा। इसमें बांध के अपस्ट्रीम में पिचिंग, कंक्रीट स्पिल-वे व लीकेज के साथ अन्य कार्य कराए जाएंगे।
शहजाद नदी पर निर्मित शहजाद बांध करीब पचास वर्ष पुराना है। बांध का पूर्ण जलस्तर 321.00 मीटर है। बांध से 116.60 किमी. नहरों के जरिए 14403 हेक्टेयर भूमि सिंचित की जाती है। इसके साथ बांध पर शहजाद बांध िस्प्रंकलर परियोजना निर्माणाधीन चल रही है। जिससे किसानों को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराया जाएगा। वहीं बांध पर नमामि गंगे योजना के तहत पाइप पेयजल योजना भी निर्मित है।
इस कार्ययोजना के तहत शहजाद बांध के अपस्ट्रीम में पिचिंग, सोलर लाइट, डाउन स्ट्रीम का सुदृढ़ीकरण, पैराविट की मरम्मत, निरीक्षण भवन की मरम्मत कार्य सहित अन्य सुधार काम भी कराया जाना शामिल किया गया है।
जामनी बांध व गोविंद सागर बांध का भी हो चुका है फेज-2 में चयन
विश्व बैंक वित्तपोषित बांध पुनर्वास और सुधार परियोजना में वर्ष 2012 से बांधों व नहरों पर काम किया जा रहा है। 2012 से प्रारंभ हुई इस योजना के तहत प्रथम चरण में बांधों की नहरों का लाइनीकरण किया गया था। बांध पुनर्वास और सुधार परियोजना का दूसरा चरण वर्ष 2020 से प्रारंभ हुआ। इस योजना के तहत जनपद के दो बांधों जामनी बांध और गोविंद सागर बांध की कार्ययोजना शासन को भेजी गई थी। इसमें शासन ने जामनी बांध के आधुनिकीकरण की कार्ययोजना को स्वीकृति दे दी थी। वर्तमान में जामनी बांध के आधुनिकीकरण के लिए निविदा प्रक्रिया चल रही है। जबकि गोविंद सागर बांध की कार्ययोजना मंजूर हो चुकी है और इसके लिए धनराशि जारी होना शेष है।
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बांध पुनर्वास व सुधार परियोजना फेज-2 के तहत शहजाद बांध के जीर्णोद्धार के लिए 9.71 करोड़ रुपये की कार्ययोजना बनाकर शासन को भेजी गई थी। इसे स्वीकृति मिल गई है। धनराशि जारी हो जाने के बांध के जीर्णोद्धार का कार्य कराया जाएगा।
-इं. मनमोहन, अधिशासी अभियंता, राजघाट निर्माण खंड
