चित्रकूट/बरगढ़। जिले की सीमा से सटे प्रयागराज के शंकरगढ़ के व्यापारी के अपहृत बेटे का शव बरगढ़ थाना क्षेत्र के अरवारी जंगल में मिला। उसके हाथ-पैर बंधे थे और मुंह में कपड़ा ठूंसा गया था। पत्थरों से कूचकर हत्या की गई है। इस मामले में पुलिस ने व्यापारी के ट्रक चालक, चालक के और भतीजे समेत चार को गिरफ्तार किया है।
शंकरगढ़ के सदर बाजार निवासी पुष्पराज केसरवानी के पास कई कंपनियों की एजेंसी है। उन्होंने बताया कि शनिवार की शाम लगभग पांच बजे उनका इकलौता बेटा शुभ (14) घर के बाहर खेलने निकला था। देर शाम तक नहीं लौटा तो परिजनों ने आसपास खोजबीन की। थाने में गुमशुदगी की जानकारी भी दी। आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले तो पता चला कि एक बाइक से दो युवक उसे बैठाकर ले गए। रात को तीन बार अपहरणकर्ताओंं ने फोन कर 15 लाख की फिरौती डभौरा के जंगल में लेकर आने के लिए कहा था।
रविवार की सुबह बरगढ़ के अरवारी मोड़ से सटे जंगल में शुभ का शव मिला। सुबह शौच के निकले ग्रामीणों ने शव पड़ा देखकर पुलिस को सूचना दी। बरगढ़ थाना प्रभारी अंजनी सिंह ने बताया कि शंकरगढ़ पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस और परिजनों ने आकर शव की शिनाख्त की।जानकारी होते ही सैकड़ों परिजन, रिश्तेदार, ग्रामीण और पुलिस बल पहुंच गया। पुलिस ने पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया। अंतिम संस्कार के लिए परिजन शव शंकरगढ़ लेकर रवाना हो गए।
उधर, प्रयागराज और चित्रकूट की पुलिस टीमों ने चारों अपहरणकर्ताओं को दबोच लिया है। इसमें दो चित्रकूट के बरगढ़ क्षेत्र निवासी हैं। एक तो व्यापारी का ट्रक चालक है। प्रयागराज जोन के पुलिस कमिश्नर रमित शर्मा ने बताया कि फिरौती के लिए अपहरण किया गया था। इसमें व्यापारी का ट्रक चालक चित्रकूट के बरगढ़ निवासी लोकनाथ, उसका भाई सुखदेव, भतीजा गणेश व एक अन्य को पुलिस टीम ने सर्विलांस व अन्य स्रोतों से जानकारी कर दबोच लिया गया है। इनके कब्जे से बिना नंबर की बाइक, दो पिस्टल, चार कारतूस बरामद हुए हैं।
