बांदा। बाबा बागेश्वर धाम से ट्रेन द्वारा लौट रही लखनऊ निवासी वृद्धा रेलवे प्लेटफार्म पर चलती ट्रेन से उतरते समय पैर फिसल जाने से प्लेटफार्म में गिर कर सिर के बल घिसट गई। जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई, उधर, दूसरी घटना में गुजरात से कमा कर लौट रहे मजदूर की ट्रेन से गिरकर मौत हो गई। दोनों शवों का पोस्टमार्टम कराया गया है।
लखनऊ के ताल कटोरा राजाजी पुरम निवासी मृदुला शुक्ला (70) अपने पड़ोस की महिलाओं के साथ ट्रेन से बाबा बागेश्वर धाम छतरपुर मध्य प्रदेश में गईं थीं। वहां से वह आंबेडकर नगर एक्सप्रेस बांदा लौट रहीं थी। बांदा से उन्हें लखनऊ जाना था। शनिवार की रात नौ बजे के करीब ट्रेन के बांदा पहुंचने पर धीमी चलती ट्रेन से वह उतरने लगीं। तभी पैर फिसल जाने से वह प्लेटफार्म में गिरकर सिर के बल घिसट गईं। जिससे उन्होंने दम तोड़ दिया। मृतका के पुत्र मणिकांत शुक्ला ने बताया कि पिता सुंदरलाल शुक्ला किसान हैं। वह तीन भाई हैं। जीआरपी पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है।
उधर, जसपुरा थाना क्षेत्र के परौनिया डेरा निवासी राजू (30) सूरत से कमाकर ट्रेन से अपने घर आ रहा था। भरूआ स्टेशन के पास ट्रेन में भीड़ होने की वजह से वह बोगी के दरवाजे के पास खड़ा था। तभी संतुलन बिगड़ जाने से वह सिर के बल गिर गया। ट्रेन की चपेट में आकर उसका एक पैर कट गया। उसकी मौके पर ही मौत हो गई। स्टेशन मास्टर की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव के कपड़ों से तलाशी लेने पर मिले आधार कार्ड और मोबाइल नंबर से परिजनों को सूचना दी। छोटे भाई रामप्रकाश ने बताया कि वह तीन भाइयों में बड़ा था। घर में पत्नी ज्ञानी है। कोई संतान नहीं है। इससे पूर्व बीच वाले भाई चंदू की टीबी से मौत हो चुकी है।
