बांदा। बांदा की बेटी को बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में एमएससी में सर्वाधिक अंक प्राप्त करने सहित विभिन्न श्रेणियों में बेहतर प्रदर्शन पर चार स्वर्ण व दो रजत पदक के लिए चयनित किया गया है। यह सम्मान उन्हें 30 नवंबर को विश्वविद्यालय झांसी में आयोजित होने वाले 28 वें दीक्षांत समारोह में राज्यपाल व कुलाधिपति आनंदी बेन पटेल की ओर से दिया जाएगा।
विश्वविद्यालय के कुलसचिव विनय कुमार सिंह ने सभी महाविद्यालयों के प्राचार्यों को भेजे पत्र में कहा कि जनपद अतर्रा के हिंदू इंटर कालेज के पूर्व प्राचार्य एवं साहित्यकार जगत प्रसाद की पौत्री व जिला पंचायत राज विभाग के जिला समन्वयक डा. मनोज द्विवेदी की बेटी रिषिता द्विवेदी को एमएससी की परीक्षा में सर्वाधिक अंक प्राप्त करने पर बैधनाथ स्वर्ण पदक, एमएससी की सभी परीक्षाओं की छात्राओं में सर्वाधिक अंक प्राप्त करने पर श्रीमती ग्यारसी देवी स्वर्ण पदक, एमएससी वनस्पति विज्ञान में सर्वाधिक अंक प्राप्त करने पर यूएसए शिकागों स्वर्ण व विज्ञान संकाय में परास्नातक की समस्त परीक्षाओं में सर्वाधिक अंक प्राप्त करने पर हेमवती नंदन बहुगुणा स्वर्ण पदक प्रदान किया जाएगा।
इसके अलावा उन्हें छात्राओं में पूरे बुदेलखंड विश्वविद्यालय में सर्वाधिक प्राप्तांक प्रतिशत पर कुलाधिपति रजत पदक, एमएससी की समस्त परीक्षओं में सर्वाधिक प्राप्तांक पर कुलाधिपति रजत पदक के लिए चयनित किया गया है।
रिषिका द्विवेदी को इन उपाधियों से प्रदेश की राज्यपाल, कुलाधिपति आंदनदी बेन पटेल 30 नवंबर को विश्वविद्यालय में आयोजित दीक्षांत समारोह में नवाजेगी। विश्वविद्यालय ने इस बावत आमंत्रण पत्र रिषिका को भी भेजा है। बांदा की बेटी को शिक्षा के क्षेत्र में मिली इसी उपलब्धि के लिए प्रदेश के जलशक्ति मंत्री रामकेश निषाद, सदर विधायक प्रकाश द्विवेदी, भाजपा जिलाध्यक्ष संजय सिंह सहित अधिकारियों और महाविद्यालयों के प्राचार्यो ने खुशी जाहिर की है।
रिषिका का कहना है कि हौशलें बुलंद हो तो कुछ भी असंभव नहीं है। कहा कि उसने यह ठान किला था कि उसे हर हाल में स्वर्ण व रजत पदक हासिल करना है। इसके लिए उसने मां मनोरमा व विश्वविद्यालय के शिक्षकों के सहयोग से छह से आठ घंटे प्रतिदिन पढ़ाई कर यह मुकाम हासिल किया। उन्होंने प्रोफेसर बनने की इच्छा जताते हुए अन्य छात्र-छात्राओं को संदेश दिया कि वह जितनी भी देर पढ़े पर मन से। सफलता अवश्य मिलेंगी।
