गंदगी और खेतों में भरे गंदे पानी के कारण हैंडपंपों का पानी प्रदूषित होने की जताई जा रही संभावना
दोनों हैंडपंपों से पानी के नमूने भरकर जांच के लिए भेजे जा रहे लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर/पाली। तहसील पाली क्षेत्र के ग्राम बंट की अहिरवार बस्ती में डायरिया फैलने से दो दिनों में 48 लोग इसकी चपेट में आ गए। रविवार को ग्राम प्रधान बेबी राजा की सूचना पर सीएचसी बिरधा से स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव पहुंची और गंभीर हालत के 14 मरीजों को जिला अस्पताल भेजा। अन्य मरीजों को दवा दी गई जिससे उनकी स्थित में सुधार हो रहा है।
सोमवार को जिला संक्रामक रोग अधिकारी डॉ. राजेश भारती गांव पहुंचे और डायरिया फैलने के कारणों की जांच की। उन्होंने बताया कि बस्ती में लगे दो हैंडपंपों के आसपास फैली गंदगी और पास में स्थित खेतों में भरे गंदे पानी के कारण हैंडपंपों का पानी प्रदूषित होेने की संभावना जताई है। उन्होंने पानी का सैंपल भरवाकर जांच के लिए लखनऊ भेजने के निर्देश दिए हैं।
बंट गांव की अहिरवार बस्ती में पेयजल के लिए लगे दो इंडिया मार्का हैंडपंपों के आसपास गंदा पानी भरा रहता है। इन्हीं हैंडपंपों से बस्ती के लोग पानी भरकर घरों में पीने के लिए उपयोग करते हैं। बीते दिनों हुई बारिश का पानी हैंडपंपों के आसपास खेत में भरकर सड़ रहा है, वहीं दुर्गंध के साथ ही इसमें मच्छर भी पनप रहे हैं। लेकिन इस ओर किसी ने ध्यान नहीं दिया।
गांव में शनिवार की शाम को कुछ बुजुर्गों को उल्टी-दस्त शुरू हुए तो लोगों ने घरेलू उपचार किया, लेकिन रविवार को बुजुर्गों के अलावा महिलाएं और बच्चे भी डायरिया की चपेट में आकर उल्टी और दस्त करने लगे। जानकारी होने पर प्रधान प्रतिनिधि जितेंद्र सिंह यादव की सूचना पर सीएमओ ने बिरधा सीएचसी से डॉक्टर व पैरामेडिकल स्टाफ की टीम को गांव भेजा।
डॉक्टर ने गांव में गंभीर 14 मरीजों को एंबुलेंस से जिला अस्पताल भेज दिया और बाकी मरीजों को गांव में दवा देकर आराम करने को कहा। सोमवार को गांव पहुंचे जिला संक्रामक रोग अधिकारी डॉ. राजेश भारती ने बस्ती में लगे हैंडपंपों के आसपास गंदे पानी व खेतों में भरे पानी में तत्काल ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव कराया। उन्होंने हैंडपंप का पानी निकलवाकर उसका सैंपल भरवाकर लखनऊ में जांच कराने के लिए भेजने के निर्देश दिए।
उन्होंने संभावना जताई कि हैंडपंप का प्रदूषित पानी पीने से बस्ती में डायरिया फैला है। फिलहाल उन्होंने हैंडपंप के हत्था निकलवाकर ग्राम प्रधान को पानी का टैंकर बस्ती में भिजवाने को कहा। उन्होंने बस्ती के लोगों को क्लोरीन की गोलियां वितरित करते हुए सलाह दी कि वह पानी उबालकर अथवा क्लोरीन की गोलियां डालने के बाद ही पीएं। बस्ती के कुएं में भी ब्लीचिंग पाउडर डाला गया है। स्वास्थ्य विभाग की टीम में डॉ. दामोदर प्रसाद निरंजन, डॉ. देशराज दोहरे व पैरामेडिकल स्टाफ मौजूद रहा।
ये मरीज किए गए थे भर्ती
जशोदा (23), रम्मा (50), अजय (14), राजबाई (50), द्वारका (45), रामदेवी (25), सखी (50), सृष्टि (5), वरौदाबाई (70), विष्णु (18), सावित्री (33), टपरियनबाई (65), सविता (18), रामकुंवर(30)
छह हजार की आबादी वाली ग्राम पंचायत में सिर्फ एक सफाईकर्मी
ग्राम पंचायत बंट के चार मजरों में करीब छह हजार की आबादी है लेकिन, यहां आबादी के सापेक्ष तीन सफाई कर्मियों की जगह मात्र एक सफाईकर्मी ही तैनात है। इससे पूरे गांव में गंदगी है। ग्राम प्रधान का कहना है कि सफाई कर्मी से लगातार गांव में सफाई कराई जाती है, लेकिन हैंडपंपों से पानी निकासी के लिए नाली न होने से वहां गंदा पानी भर जाता है। इसे भी साफ करा दिया गया है।
बंट गांव में दो दिनों में 48 मरीजों में से 14 को भर्ती कराकर उपचार दिया गया, इनकी हालत में सुधार है। दो हैंडपंपों के पानी का नमूना जांच के लिए भेजा जा रहा है। ग्रामीण इन हैंडपंपों का पानी इस्तेमाल न करें, इसलिए इनके हत्थे निकलवा दिए गए हैं।-डॉ. इम्तियाज, सीएमओ
