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कृषि संकायों में बढ़ रही छात्राओं की संख्या, इस क्षेत्र में पैदा हुए रोजगार के अवसर से बढ़ा रुझान

अनीता वर्मा

झांसी। माना जाता है कि लड़कियां हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं, लेकिन कृषि क्षेत्र का नाम आते ही छह-सात साल पहले तक लड़कियों की संख्या न के बराबर हुआ करती थी। वहीं, अब ये मिथक भी टूट रहा है। इसका एक बड़ा उदाहरण झांसी का रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय है। यहां कृषि और इससे जुड़े बागवानी व वानिकी संकाय में छात्राओं की संख्या काफी बढ़ रही है। शिक्षकों की मानें तो इस क्षेत्र में सरकारी और गैर सरकारी रोजगार के अवसर तेजी से बढ़े हैं। ऐसे में लड़कियां मिट्टी और खेत-खलिहान की पढ़ाई कर अपना कॅरिअर बना रही हैं। विश्वविद्यालय में प्रवेश के आंकड़े बता रहे हैं कि वर्ष 2019-20 में 20 छात्रों के मुकाबले 28 छात्राओं ने प्रवेश लिया था, ये विश्वविद्यालय में अपनी स्नातक की पढ़ाई पूरी कर रही हैं।

झांसी के रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय की स्थापना वर्ष 2014 में हुई थी। बुंदेलखंड में बड़े कृषि क्षेत्र को देखते हुए यहां विश्वविद्यालय ने तेजी से विस्तार किया। इसमें प्रवेश लेने वाले छात्र-छात्राओं को यहां खेत-खतिहान, मिट्टी की उर्वरक शक्ति के अलावा गेहूं, चना, मटर, धान, बाजरा, मक्का व मूंगफली सहित सभी फसलों और उसके मौसम चक्र को करीब से जानने और समझने का बेहतरीन अवसर भी मिल रहा है।

विश्वविद्यालय में कृषि, वानिकी और बागवानी में बीएससी स्नातक की सुविधा है। विश्वविद्यालय में कुल प्रवेश के लिए 445 सीटें हैं। इनमें 76 सीटें परास्नातक (एमएससी कृषि, वानिकी और बागवानी) के लिए हैं। जबकि बाकी सीटें स्नातक की हैं। इसमें 281 सीटें छात्रों के लिए हैं। वहीं 164 सीटें छात्राओं के लिए हैं।

यहां कृषि, वानिकी और बागवानी में छात्रों के साथ-साथ छात्राओं की सीटें भी तेजी से भर जाती हैं। सीटें आईसीएआर (दि इंडियन काउंसिल ऑफ एग्रीकल्चरल रिसर्च) द्वारा आयोजित परीक्षा में चयन के अनुसार भरी जाती हैं। विश्वविद्यालय में 24 राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों के छात्र-छात्राएं पढ़ाई कर रहे हैं। छात्राओं के लिए अलग से हॉस्टल की व्यवस्था है।

विश्वविद्यालय के आंकड़ों की मानें तो स्नातक बागवानी में वर्ष 2020 में जहां सिर्फ पांच छात्राओं ने प्रवेश लिया था वहीं वर्ष 2022 में 13 प्रवेश हुए। इसी तरह स्नातक वानिकी में 2020 में जहां चार छात्राओं ने प्रवेश लिया था, वहीं 2022 में यह संख्या 15 हो गई है। वहीं कृषि संकाय की पढ़ाई काफी कठिन होने के बाद भी छात्राओं का रुझान बढ़ा है। विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार वर्ष 2023-2024 के लिए प्रवेश प्रक्रिया जल्द ही शुरू हो रही है। शिक्षकों के अनुसार बीएससी स्नातक के बाद इधर विभिन्न सरकारी, निजी और सार्वजनिक संस्थानों, अनुसंधान केंद्रों और कृषि फामोंर् में रोजगार और व्यवसाय के अच्छे मिलने लगे हैं। इनमें लड़कियों को भी अच्छे पैकेज मिल रहे हैं। ऐसे में छात्राआें का रुझान भी इस आेर बढ़ रहा है।

वर्षवार प्रवेश के आंकड़े

बीएससी एग्रीकल्चरल (कृषि)

वर्ष छात्र छात्राएं

2020 20 28

2021 19 14

2022 34 06

बीएससी हॉर्टीकल्चर (बागवानी)

वर्ष छात्र छात्राएं

2020 14 05

2021 12 08

2022 20 13

बीएससी वानिकी

वर्ष छात्र छात्राएं

2020 07 04

2021 09 06

2022 18 15

वर्जन

कृषि विश्वविद्यालय में छात्राओं की संख्या भी बढ़ रही है। पिछले वर्ष वानिकी और हॉर्टीकल्चर में कई सीटों पर छात्राओं ने प्रवेश लिया था। कृषि संकाय में भी छात्राओं का काफी रुझान बढ़ रहा है।

मुकेश श्रीवास्तव, कुलसचिव-रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, झांसी

कृषि क्षेत्र की पढ़ाई के दौरान इन क्षेत्रों में बढ़ रहे रोजगार के अवसर

कृषि इंजीनियर, कृषि विकास अधिकारी, कृषि वैज्ञानिक, फसल परीक्षण अधिकारी, कृषि अर्थशास्त्री, फार्म मैनेजर, सॉयल साइंटिस्ट, एग्रीकल्चर ऑफिसर, प्लांट फिजियोलॉजिस्ट, एग्रीकल्चर क्रॉप ऑफिसर, लैब टेक्नीशियन के अलावा यूपीएससी के जरिए भारतीय वन सेवा में और एसएससी के जरिए अच्छी सरकारी नौकरी मिल सकती हैं।



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