बांदा। महिला ने पंचायत के सामने जिन सगे पुत्रों को ठुकरा दिया था, अंत में उन्हीं ने अपनी मां का अंतिम संस्कार किया। पुलिस ने उसके पहले पति के पुत्रों को महिला का शव सौंपा। इसके साथ ही पुलिस उन पुत्रों का डीएनए टेस्ट भी करा रही है, जिससे महिला की पूरी तरह से पहचान की पुष्टि की जा सके।
जिला अस्पताल में डीएनए जांंच के लिए आए छतरपुर (मध्य प्रदेश) जिले के गौरिहार थाना क्षेत्र के पेरई गांव निवासी रवि कुमार (17) ने बताया कि उसके पिता स्व. दीपक कुमार ने छह साल पहले खेत में बेरी के पेड़ से फंदा लगाकर जान दे दी थी। पिता की मौत के बाद मां (मृतका माया देवी) कुछ साल उनके साथ रही फिर छह माह पहले पहरा गांव निवासी रामकुमार के साथ उन्हें छोड़कर चली गई थी। गांव में पंचायत भी हुई थी। जिसमें मृतका ने बच्चों को छोड़कर रामकुमार के साथ जाना पसंद किया था। मृतका की हत्यारोपी रामकुमार के साथ कोर्ट मैरिज हुई थी। रवि कुमार ने बताया कि वह अपने पिता स्व. दीपक से दो भाई व एक बहन हैं। वर्तमान में वह अपनी मौसी शकुंतला के घर में रह रहे हैं। मां मृतका माया और शकुंतला एक ही घर में दो भाइयों को ब्याही थीं।
मटौंध थानाध्यक्ष रामदिनेश तिवारी ने बताया कि मृतका के शव को उसके सगे पुत्राें व जेठ को सौंपा है। चूंकि शव की और पुख्ता शिनाख्त के लिए उसके पुत्र का डीएनए जांच सैंपल लिया गया है। मृतका के डीएनए और उसके पुत्र का डीएनए मिलान किया जाएगा। उधर, शव का दो डॉक्टरों के पैनल से वीडियोग्राफी के साथ पोस्टमार्टम कराया गया है।
