चित्रकूट। कोचिंग से छात्रा का अपहरण कर उसे मंदाकिनी पुल से फेंकने के मामले में कुछ सीसीटीवी कैमरों की फुटेज ने गुत्थी उलझा दी है। इसमें छात्रा पैदल जाते दिखाई दे रही है। पुलिस ने मामले में तीन अज्ञात लोगों पर अपहरण, हत्या के प्रयास, छेड़खानी व पॉक्सो एक्ट की धारा में रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना शुरु की है। मामले का खुलासा करने के लिए तीन टीमें गठित की गई हैं।
सदर कोतवाली क्षेत्र के एक मोहल्ला की किशोरी शनिवार को शहर के एक कंप्यूटर कोचिंग सेंटर गई थी। कोचिंग में उसकी स्कूटी व बैग मिला है। बताया गया कि छात्रा पढ़ाई के दौरान कमरे से बरामदे में जैसे ही पानी पीने पहुंची तो दो बाइकों पर सवार नकाबपोश युवकों ने अगवाकर बाइक पर बैठा लिया। इसके बाद मंदाकिनी पुल के पास मारपीट कर नीचे फेंक दिया।
मामले की जानकारी होते ही सनसनी फैल गई। छात्रा के परिजनों ने पुलिस कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए। इसी बीच पुलिस विभाग ने वीडियो जारी कर दावा किया कि अबतक मिले सीसीटीवी फुटेज के आधार पर एक स्थान पर छात्रा पैदल जाते दिख रही है। पूरे मामले में कई संदेह उभर रहे हैं। रविवार की सुबह कोतवाली पहुंचे आक्रोशित परिजनों ने पुलिस पर आरोपियों को बचाने का आरोप लगाया।
कोतवाल अजीत पांडेय ने बताया कि छात्रा के पिता की तहरीर के आधार पर दो अज्ञात बाइक सवार व एक अन्य के खिलाफ अपहरण, हत्या के प्रयास, छेड़खानी व पॉक्सो एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई है। मामले में तीन टीमें जांच कर रही हैं। कई और जगह के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। वीडियो फुटेज के आधार पर लगता है कि छात्रा बाइक से नहीं पैदल जा रही है। उसे किसी के साथ नहीं देखा गया है। ऐसे में इस घटना के पीछे और भी कुछ कारण हो सकते हैं।
लखनऊ में चल रहा इलाज, हालत में सुधार
लखनऊ में भर्ती छात्रा की हालत में सुधार बताया गया है। उसके कमर में चोटें बताई गई हैं। रविवार को छात्रा के परिजनों ने दावा किया कि उसे होश आया है। अभी तक उसने यही बताया कि बाइक में दो युवक थे। जो उसे परेशान कर रहे थे। कोचिंग सेंटर के बगल की दुकान के पास खड़े युवक उसकी स्कूटी की सीट फाड़ रहे थे। इसका विरोध किया तो उनसे विवाद हो गया। इसकी जानकारी कोचिंग संचालक को भी उसने दी थी। जैसे ही वह पानी पीने बरामदे में आई तो नकाबपोश युवकों ने घसीटकर बाइक में बैठाया और मंदाकिनी पुल के पास जान से मारने की नियत से धक्का दे दिया।
ग्रीन कॉरिडोर से सवा तीन घंटे में पहुंची लखनऊ
इस मामले में जिला पुलिस ने बेहद संजीदगी दिखाई। आनन-फानन में एलएल एंबुलेंस से उसे बेहतर इलाज के लिए लखनऊ के केजीएमयू भेजा। एलएस के सहायक कोआर्डिनेटर अवनेश यादव ने बताया कि एसपी वृंदा शुक्ला के निर्देश पर ग्रीन कॉरिडोर सुविधा में छात्रा को वाया कौशांबी होते हुए लखनऊ भेजा। महज सवा तीन घंटे में छात्रा को अस्पताल पहुंचाया गया। इस दौरान कौशांबी में सीएमओ व एक डॉक्टर ने भी छात्रा का हालचाल जाना।
