बांदा। लोकसभा चुनाव को देखते हुए प्रदेश सरकार ने कमर कसनी शुरू कर दी है। विधायक क्षेत्र में तेजी से काम करा सकें इसके लिए ढाई-ढाई करोड़ रुपये की निधि जारी कर दी गई है। मई से लेकर अब तक प्रत्येक विधायक को पांच करोड़ की निधि मिल चुकी है।
शासन ने निकाय चुनाव के समाप्त होते ही चालू वित्तीय वर्ष के मई माह में डेढ़-डेढ़ करोड़ व जुलाई माह में एक-एक करोड़ की विधायक निधि जारी की थी। इधर, सरकार ने लोक सभा चुनाव की तैयारियां शुरू कर दी हैं। विकास कार्यों में कोई कोर कसर न रहे, इसके लिए विधायक निधि की अंतिम किस्त जारी कर दी है। इसमें ढाई-ढाई करोड़ रुपये भेजे गए हैं।
इस तरह जनपद के चार विधायकों प्रकाश द्विवेदी (सदर), ओममणि वर्मा (नरैनी), रामकेश निषाद (तिंदवारी), विशंभर सिंह यादव (बबेरू) को कुल 10 करोड़ रुपये निधि के मिले हैं। सरकार ने विधायकों को निर्देश जारी किया है कि वह निधि का पैसा मानकों के अनुसार ऐसे स्थान पर खर्च करें, जिसका लाभ आमजन को सामूहिक रूप से प्राप्त हो। व्यक्तिगत कार्यों में निधि के पैसों को खर्च करने से परहेज किया जाए।
गाइड लाइन में बदलाव नहीं
मुख्य विकास अधिकारी वेद प्रकाश मौर्य ने बताया कि विधायक निधि की दूसरी किस्त आवंटित हो गई है। इस बाबत पत्र भी आ गया है लेकिन अभी पैसा खाते में नहीं आया है। एक-दो दिन में धनराशि आ जाएगी। पैसा आने के बाद संबंधित विधायकों से विकास कार्यों के प्रस्ताव मांगे जाएंगे। प्रस्ताव की स्वीकृति पश्चात कार्यदायी संस्थाओं को पैसा जारी किया जाएगा। कहा कि शासन की गाइड लाइन में कोई बदलाव नहीं किया गया है। पूर्व की तरह मानक यथावत रहेंगे।
यहां नहीं खर्च कर सकेंगे पैसा
-सरकारी भवनों की मरम्मत व अन्य मरम्मत कार्य पर।
-स्वयंसेवी संस्था के कार्य व भवन निर्माण आदि पर।
-अनुदान अथवा संस्था व व्यक्ति को ऋण देने पर।
-स्मारक अथवा स्मारक पार्क आदि के निर्माण पर।
-व्यक्ति के विशेष फायदे के लिए संपत्ति खरीद पर।
इन कार्यों में खर्च कर सकेंगे पैसा
-टूटी सड़कों, नाली, पुलिया निर्माण और मरम्मत कार्य पर ।
-मान्यता प्राप्त स्कूलों में प्रयोगशाला, पुस्तकालय कार्यों पर।
-वृद्ध, दिव्यांग के आश्रय व आवासीय विद्यालय आदि पर।
-खेलकूद सुविधाओं को विकसित करने संबंधी कार्यों पर।
-शवदाह स्थल, श्मशान गृह, कब्रिस्तान निर्माण आदि पर।
