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अमर उजाला ब्यूरो

झांसी। रविवार को खजुराहो-उदयपुर इंटरसिटी में बगैर टिकट पकड़े गए एक यात्री ने खुद को सीबीआई अफसर बताते हुए टिकट चेकिंग स्टाफ को दबाव में लेने की कोशिश की। बाद में उसे जीआरपी के हवाले कर दिया गया। पुलिस पड़ताल में जुटी हुई है।

खजुराहो से उदयपुर की ओर जा रही 19665 इंटरसिटी एक्सप्रेस के बी-1 कोच में टिकट चेकिंग स्टाफ ने एक व्यक्ति को बगैर टिकट यात्रा करते पकड़ा। जुर्माना मांगे जाने पर वह खुद को सीबीआई का अफसर बताते हुए रौब दिखाने लगा। उसने सीबीआई का कार्ड दिखाया। साथ ही उसके पास से पीएमओ, राजस्थान के मुख्यमंत्री कार्यालय, राजस्थान के सचिवालय, रेल मंत्रालय आदि से संबंधित कार्ड भी मिले। दो ऐसे कार्ड भी मिले, जिन पर लिखा था कि ट्रेन में उसे निशुल्क यात्रा कराई जाए। बैग से एक मुहर भी मिली। ये सभी कार्ड जांच में प्रथम दृष्टया फर्जी पाए गए। इस पर ट्रेन के झांसी पहुंचने पर उसे जीआरपी के हवाले कर दिया गया। वहीं, चेकिंग स्टाफ से लिखित सूचना व सुपुर्दगी लेने की बात पर आरपीएफ व जीआरपी के जवान आपस में उलझ पड़े। इस दौरान ट्रेन चल पड़ी और चेकिंग स्टाफ अपने साथ लिखित सूचना एवं यात्री के पास से बरामद आई कार्ड व मोहर लेकर चला गया। बाद में जीआरपी पकड़े गए संदिग्ध को थाने ले आई। वहीं, पकड़े गए युवक ने खुद को मिर्जापुर का बताया। उसने बताया कि वह लेबर सप्लाई का काम करता है। काम से वह बीते रोज मऊरानीपुर गया था। वन विभाग में उसके मजदूर काम कर रहे हैं। वापस आते समय बिना टिकट पकड़ा गया और उसे गलत तरीके से उसे फंसा दिया गया। जीआरपी इंस्पेक्टर पंकज पांडेय ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।



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