उरई। क्षीरसागर परिवार के समर्थन में गुरुवार को बड़ी संख्या में महिलाएं कलक्ट्रेट पहुंची। यहां राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन अतिरिक्त मजिस्ट्रेट सुशील कुमार को सौंपा।
इसमें बताया कि हम अलग-अलग जाति और धर्म की हैं। मेहनत मजदूरी कर परिवार का भरण पोषण करती हैं। पिछले दिनों प्रतिष्ठित परिवार के सुदामा दीक्षित को आत्महत्या के लिए प्रेरित करने के मामले में जेल भेजा गया। बताया कि सुदामा दीक्षित गरीब परिवारों की मदद के लिए हमेशा खड़े रहते हैं। ये परिवार की तरह रहने वाले कर्मचारी का नुकसान कैसे कर सकते हैं।
बताया कि पूर्व ब्लाॅक प्रमुख सुदामा दीक्षित और उनकी पत्नी नम्रता तिवारी दीक्षित ने सैकड़ों गरीबों को धार्मिक यात्राएं कराईं। मुस्लिम परिवारों को अजमेर शरीफ भेजा तो हिंदू परिवार के लोगों को काशी विश्वनाथ भेजकर धार्मिक पुण्य कमाने का अवसर दिया। शादी, ब्याह, बीमारी में आर्थिक सहयोग भी करते रहते हैं। ऐसे में वह किसी का उत्पीड़न कैसे कर सकते हैं।
बताया कि सालों से क्षीरसागर परिवार से जिसके रिश्ते रहे हैं, उसकी मौत पर अब लोग राजनीति कर रहे हैं। अब तो इस मामले में एक ऑडियो भी आ गया है, जिसमें सुदामा को फंसाने के लिए षड्यंत्र रचा जा रहा है। उन्होंने सुदामा दीक्षित के ऊपर दर्ज मुकदमा खारिज करके न्याय दिलाने की मांग की। इस दौरान मीरा देवी, शाहीन, श्वेता, शमीमा, सीमा सिंह, राजकुमारी, सरोज, कुसुम सक्सेना, केशकुमारी, लक्ष्मी, ममता आदि भी मौजूद रही।
