आटा। परासन के ग्राम पंचायत सदस्यों द्वारा प्रधान व तत्कालीन सचिव पर लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों को जांचने के लिए डीएम द्वारा गठित की गई। टीम ने सदस्यों ने ग्रामीणों की समस्याओं को सुना। जांच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।
कदौरा ब्लॉक के परासन ग्राम पंचायत सदस्यों ने चार महीने पूर्व प्रधान रीता यादव व तत्कालीन सचिव पवन सोनी के खिलाफ डीएम के यहां शिकायती पत्र दिया था। जिसमे उन्होंने सदस्यों के हस्ताक्षर कराकर फर्जी तरीके से पैसे निलकाने जैसे आरोप लगाए थे। जांच के लिए डीएम ने तीन सदस्यीय टीम का गठन किया था। सहायक आयुक्त सहकारिता सीएल प्रजापति ,अधिशासी अभियंता, खंड विकास अधिकारी थे।
शुक्रवार को गांव जांच करने पहुंची टीम ने सचिवालय में सदस्यों से जानकारी ली। जैसे ही टीम सचिवालय पहुंची तो ग्रामीणों भीड़ लग गई। एक-एक कर ग्रामीणों ने अधिकारियों के सामने अपनी समस्याओं को बताया। जिसमें आवास से लेकर सफाई व्यवस्था व तालाब की समस्या को बताया। वहीं फर्जी तरीके से जॉब कार्ड के पैसे निकालने की बात कही। टीम के सामने ग्रामीणों व प्रधान के तीखी झड़प हुई तो अधिकारियों ने संभाल लिया। टीम ने सभी अभिलेखों को देखकर शिकायतकर्ता के बयान दर्ज किए। टीम ने सदस्यों को उचित जांच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।
