संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
Updated Sun, 08 Oct 2023 12:54 AM IST
चित्रकूट। संतान न होने व दहेज के लिए विवाहिता को जिंदा जलाने के प्रयास के मामले में दोषी पति को त्वरित न्यायालय ने सात वर्ष कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 25 हजार रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया है। महिला ने खुद पति के खिलाफ साल 2016 में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
शनिवार को सहायक शासकीय अधिवक्ता फौजदारी गोपाल दास ने बताया कि मध्यप्रदेश के सतना जिले के कोलगवां थाना बारीकला गांव की निवासी ज्योति ने दहेज उत्पीड़ऩ व हत्या के प्रयास की रिपोर्ट ससुराली जनों के खिलाफ दर्ज कराई थी। पीड़िता के अनुसार उसकी शादी कर्वी के बेड़ी पुलिया चकला राजरानी निवासी दीपू के साथ 11 मई 2014 को हुई थी। शादी के बाद से ही पति दीपू ससुराली जनों के साथ मिलकर बच्चे पैदा न होने और दहेज के लिए उसका उत्पीड़ऩ करता था।
इसके बाद 7 मार्च 2016 को पति दीपू ने ससुरालीजनों के साथ मिल कर जान से मारने की नीयत से उस पर केरोसिन डालकर आग लगा दी। पड़ोसियों ने उसे बाहर निकाला और अस्पताल में भर्ती कराया। लगभग 12 दिन तक इलाज कराने के बाद वह वापस आई तो पति ने उसे साथ रखने से मना कर दिया और धमकी देकर भगा दिया।
पुलिस ने मामले की रिपोर्ट दर्ज करने के बाद न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था। बचाव और अभियोजन पक्ष के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद त्वरित न्यायालय के अपर जिला जज संजय कुमार ने दोषी को सात वर्ष कारावास की सजा और 25 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित करने का आदेश दिया।
