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बांदा। सर्जन के गलत ऑपरेशन से युवक की मौत होने का आरोप लगाते हुए शनिवार को पीड़ित परिजनों ने प्राइवेट अल्ट्रासाउंड सेंटर के बाहर शव रखकर हंगामा किया। जब सुनवाई नहीं हुई तो वे शव लेकर डीएम और एसपी कार्यालय के बाहर पहुंच गए। पुलिस ने परिजनों को समझाकर शांत कराया।पीड़ितों ने आरोपी सर्जन के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

बिसंडा थाना क्षेत्र के चौसड़ गांव निवासी कल्लू (30) तीन दिनों से पेट दर्द से परेशान था। पिता राजकरन ने उसे पांच अक्तूबर गुरुवार को जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। आरोप है कि जिला अस्पताल में तैनात सर्जन डॉ. रामेंद्र ने मरीज का चेकअप किया और अल्ट्रासाउंड जांच के लिए लिख दिया। राजकरन ने पूछा कि अल्ट्रासाउंड कहां कराएं तो डॉक्टर ने कहा कि वह खुद चलकर मरीज का अल्ट्रासाउंड कराएंगे।

छह अक्तूबर की शाम पांच बजे वह बीएसए कार्यालय के सामने स्थित एक निजी अल्ट्रासाउंड सेंटर में ले गए। वहां उन्होंने अल्ट्रासाउंड कराने के बाद 40 हजार रुपये की मांग की। रुपये देने के बाद मरीज का लगभग शाम छह बजे अल्ट्रासाउंड सेंटर में ही ऑपरेशन कर दिया। ऑपरेशन के बाद मरीज को जिला अस्पताल में पुन: भर्ती करा दिया गया।

शाम साढ़े सात बजे लगभग मरीज की हालत बिगड़ गई। इस पर डॉक्टर ने खुद कानपुर चलने की बात कहकर मरीज को रेफर कर दिया और मरीज व परिजनों के साथ महाराणा प्रताप चौराहे के पास एंबुलेंस से उतरकर कहीं चला गया। परिजन मरीज को लेकर कानपुर के एक अस्पताल पहुंचे। वहां डॉक्टरों ने मरीज को मृत घोषित कर दिया।

परिजन शनिवार को शव लेकर निजी अल्ट्रासाउंड पहुंचे। वहां शव रखकर करीब तीन घंटे हंगामा किया। वहां कोई सुनवाई न होने पर वह एंबुलेंस से शव लेकर डीएम और एसपी कार्यालय के बाहर पहुंच गए। यहां पुलिस को जानकारी मिलने पर कोतवाली एसएसआई कृष्ण देव त्रिपाठी व पुलिस फोर्स पहुंच गई।

उन्होंने परिजनों को समझा बुझाकर शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। पिता राजकरन की ओर से डीएम व एसपी को संबोधित पत्र में सर्जन के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। एसएसआई कृष्ण देव त्रिपाठी ने बताया कि तहरीर मिलने पर सर्जन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।

वहीं, डॉ. रामेंद्र का कहना है कि दो दिन पहले मरीज जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। मरीज की हालत गंभीर थी। लीवर में पस पड़ा था। मरीज को रेफर कर दिया था, लेकिन वह दोबारा मरीज को जिला अस्पताल ले आए थे। उन्होंने निजी अल्ट्रासाउंड में ऑपरेशन नहीं किया है। न ही मरीज के परिजनों से 40 हजार रुपये लिए हैं। जो भी आरोप मृतक के परिजन लगा रहे हैं वह गलत है।

अगर जिला अस्पताल के सर्जन ने निजी अल्ट्रासाउंड में जाकर ऑपरेशन किया है तो उसकी विभागीय जांच कराई जाएगी। दोषी पाए जाने पर सर्जन के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

डॉ. एसएन मिश्रा, सीएमएस, जिला अस्पताल पुरुष, बांदा।

बांदा। बिसंडा थाना क्षेत्र के चौसड़ गांव निवासी मृतक कल्लू के पिता राजकरन ने बताया कि बेटा मजदूरी करता था। पिता राजकरन गांव का चौकीदार के पद पर तैनात है। मृतक की पत्नी विद्या और एक पुत्री व तीन पुत्र हैं। व्यथा बताते बताते कई बार पिता फफक पड़ा। पिता का कहना है कि वह पोस्टमार्टम के बाद कोतवाली में तहरीर देगा। डॉक्टर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराएगा।



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