चित्रकूट/मऊ/राजापुर। संपूर्ण समाधान का आयोजन जिले की सभी तहसीलों में किया गया। सबसे अधिक जमीन संबंधी का मामले आए। सभी तहसीलों में 159 मामले आए इसमें सबसे ज्यादा भूमि विवाद के 75 मामले रहे। कई ऐसे मामले देखे गए जो कई साल पुराने हैं। फरियादियों का कहना है कि कई बार शिकायती पत्र दे चुके हैं। इसके बाद भी समस्या नहीं सुनी। यूपी-एमपी की सीमा क्षेत्र पर भूमि को लेकर विवाद की शिकायत ग्रामीणों ने किया है।
मऊ तहसील में डीएम अभिषेक आनंद ने समस्या सुनीं। उन्होंने कहा कि जिन समस्याओं का निस्तारण कराया जाए उसकी जानकारी समस्याग्रस्त व्यक्तियों को दी जाए। समय सीमा के अंदर समस्याओं का निस्तारण किया जाए। मऊ में औझर गांव निवासी मोतीलाल ने दिए पत्र में कहा कि उसने एक बाइक एजेंसी से बाइक लिया था। सभी किश्त जमा करने के बाद भी उससे पांच किश्त की धनराशि मांगी जा रही है। इस मामले में कार्रवाई की जाए।
मऊ कस्बा निवासी विनय पांडेय ने कहा कि मऊ पटोरी संपर्क मार्ग की जमीन में एक परिवार के सदस्यों ने जबरन घर बना लिया है। इस मौके पर एसपी वृंदा शुक्ला, एसडीएम राकेश कुमार पांडेय, तहसीदार मऊ विजय यादव, नायब तहसीलदार विवेक कुमार, जिला विकास अधिकारी आरके त्रिपाठी आदि मौजूद रहे। कर्वी तहसील में एसडीएम रजनीश यादव ने समस्या सुनी। जिसमें जमीनी विवाद अधिक आए। मानिकपुर तहसील में एडीएम कुंवर प्रताप सिंह व एसडीएम रामजनम यादव ने समस्या सुनी। राजापुर में एसडीएम प्रमोद झा ने समस्याएं सुनीं।
केस -एक कर्वी तहसील के दुर्गा बाई के पुरवा निवासी रामसनेही ने कहा कि उसकी जमीन में एक परिवार के सदस्य तीन साल से जबरन कब्जा कर लिया है। जिसकी नाप हल्का लेखपाल मौके पर जाकर कर आए। इसके बाद भी भी जमीन में कब्जा नहीं मिल पा रहा है।
कर्वी तहसील के सेमरिया जगन्नाथवासी निवासी कमलाकांत ने बताया कि उसका खेत यूपी-एमपी बार्डर पर है। एमपी क्षेत्र के कुछ लोगों ने सीमा चिन्ह तोड़ दिया है। उसके खेत में भी कब्जा कर लिया है। इससे विवाद की स्थिति पैदा हो गई है। कई साल से वह अधिकारियों को इस समस्या के निदान के लिए अवगत कराया। इसके बाद भी समस्या का निदान नहीं किया गया।
