संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Sun, 08 Oct 2023 12:40 AM IST
बांदा। उप्र गिरोहबंद और समाज विरोधी क्रियाकलाप निवारण अधिनियम के मामले में दो दोषियों को विशेष न्यायाधीश गैंगेस्टर गुणेंद्र प्रकाश की अदालत ने 5-5 वर्ष के कठिन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही दोनों पर 8-8 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना की अदायगी न करने पर दो-दो माह अतिरिक्त सजा काटनी होगी।
विशेष लोक अभियोजक सौरभ सिंह ने बताया कि तत्कालीन गिरवां थाने के एसओ अरविंद कुमार द्विवेदी अपने हमराहियों के साथ शांति व्यवस्था देखरेख व लोकसभा चुनाव के भ्रमण में थे कि जनता द्वारा पता चला कि लल्लू माली उर्फ छोटा पुत्र धनीराम व नत्थू उर्फ रामभवन शर्मा पुत्र भगवानदीन शर्मा निवासी मसुरी के हैं। इन्होंने 11 जुलाई 2018 को गांव के ही एक किसान की लड़की के साथ घर से उठाकर ले गए थे और उसके साथ सामूहिक दुश्कर्म किया था।
जिसको लेकर गांव व आसपास के लोग इनकी दहशत से डरते थे। इनके खिलाफ पाक्सो व सामूहिक दुष्कर्म व एससीएसटी का मामला दर्ज किया गया था। कब्जे से नाजायज असलहा भी बरामद हुए थे। गैंग लीडर व गैंग के सदस्य के अपराधिक इतिहास को देखकर गैंगचार्ट बनाकर दोनों के विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई की गयी थी। छह अप्रैल 2019 से आठ नवंबर 2019 तक की रिपोर्ट दर्ज कर जेल भेज दिया गया था।
गैंगरेप के मामले में इन दोनों को आजीवन कारावास की सजा भी हो चुकी है। मामले का आरोप 21 दिसंबर 2019 को बनाया गया। अभियोजन की ओर से चार गवाह पेश किए गए। पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्यों व अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद न्यायाधीश ने दोनों को दोषी पाते हुए सजा सुनाई।
