
हॉकी के सिकंदर
– फोटो : अमर उजाला।
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कुछ कर दिखाना है, हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद की धरती पर अपना भी सिक्का जमाना है। क्या हुआ जो हमारे पास संसाधन नहीं हैं, क्या हुआ जो छोटी सी उम्र में हाथों में ज्यादा बल नहीं है…लेकिन इस मैदान से खाली हाथ नहीं जाना है, जीत किसी की भी हो, लेकिन सबकी जुबान पर नाम हमारा ही होना चाहिए…।
झांसी में चल रही हॉकी इंडिया की प्रथम नॉर्थ जोन राष्ट्रीय सब जूनियर बालक-बालिका हॉकी चैंपियनशिप में मैदान में उतरे हर खिलाड़ी के दिल और दिमाग में कुछ ऐसा ही जुनून था। अमर उजाला और यूपी हॉकी के सहयोग से हुई। इस प्रतियोगिता के बालक और बालिका वर्ग में भले ही हरियाणा की टीम विजेता रही।
लेकिन, प्रतियोगिता के दौरान कई ऐसे हॉकी के हुनरमंद सामने आए जिन्होंने अपने दम भर बेहतरीन उपलब्धि हासिल की। रविवार को समापन समारोह में वाकई लोगों की जुबान पर इनका नाम था…हमने ऐसे ही कुछ हॉकी के सिकंदरों के चेहरे पर सितारों को छूने की जो झलक देखी, उससे आपको भी रू-ब-रू करा रहे हैं।
मैकेनिक के बेटे ने दागे 26 गोल, पूरी की पापा की तमन्ना
हॉकी चैंपियनशिप में सबसे ज्यादा 26 गोल करने वाले यूपी टीम के कप्तान शाहरुख ने अपने पिता का सपना पूरा किया है। लखनऊ निवासी शाहरुख आठ साल से हॉकी खेल रहे हैं। उन्होंने चौथी बार नेशनल चैंपियनशिप में अपना दम दिखाया। शाहरुख के पिता तबस्सुर अली पेशे से मैकेनिक हैं।
