अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। मऊरानीपुर विधायक डा. रश्मि आर्य के भाई अंकित वर्मा के खिलाफ धोखाधड़ी का आरोप लगाने वाले युवक की पुलिस सुनवाई नहीं कर रही। तेरह दिन पहले भुक्तभोगी युवक ने पुलिस अफसरों को अपने साथ हुई धोखाधड़ी के बारे में लिखित प्रार्थना पत्र के जरिए बताया था लेकिन, इतने दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस मामले की जांच करने की आड़ में हीलाहवाली में जुटी है। उधर, भुक्तभोगी युवक का कहना है कि न्याय न मिलने पर वह मुख्यमंत्री से मिलकर गुहार लगाएंगे।
कोतवाली के नई बस्ती निवासी हितेश शाक्या का कहना है कि उन्होंने 23 सितंबर को एसएसपी समेत अन्य पुलिस अफसरों को शिकायती पत्र देकर मऊरानीपुर विधायक के भाई अंकित वर्मा पर सात लाख रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया था। हितेश के मुताबिक कुछ साल पहले अंकित ने नौकरी लगवाने के बहाने उससे सात लाख रुपये लिए थे। नौकरी न मिलने पर हितेश ने पैसा वापस मांगा लेकिन, अंकित ने विधायक बहन की धौंस देते हुए पैसा वापस करने से इंकार कर दिया। हितेश को जान से मार डालने की धमकी दी। हितेश का कहना है कि उसके पास कई सुबूत हैं। उसके पास अंकित का दिया चेक भी है। अब अंकित अपने दोस्तों के साथ मिलकर उससे चेक वापस मांग रहा है। न देने पर जान से मारने की धमकी दे रहा है। शिकायती पत्र भेजने के बाद भी कार्रवाई नहीं हुई। हितेश का कहना है कि 6 अक्तूबर को उसे कोतवाली बुलाया गया। यहां उसने सुबूत होने की बात बताई लेकिन, पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। अब तक कई दफा कोतवाली के चक्कर काट चुका। हितेश का कहना है कि सुनवाई न होने पर वह मुख्यमंत्री से मिलकर गुहार लगाएंगे। उधर, इंस्पेक्टर संजय गुप्ता का कहना है कि हितेश के प्रार्थना पत्र की जांच की जा रही है। आगे विधिक कार्रवाई की जाएगी।
