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टैग: विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस

– ज्यादा तनाव, नशे की लत, दिमागी चोट से बिगड़ जाता मानसिक स्वास्थ्य

अमर उजाला ब्यूरो

झांसी। झांसी में साल भर में तीन हजार मरीज ऐसे सामने आ रहे हैं, जो बिगड़े मानसिक स्वास्थ्य के कारण भ्रम की दुनिया में ही जीने लगे। ऐसे में कोई अपने परिवार को ही दुश्मन मानने लगा तो कोई हर अनजान चीज से खुद की जान को खतरा बताने लगा। मनोचिकित्सकों के मुताबिक ज्यादा तनाव, नशे की लत और दिमागी चोट के चलते मरीज साइकोसिस के शिकार हो जाते हैं।

भागदौड़ भरी जिंदगी में अधिकतर लोग तनावग्रस्त रहने लगे हैं। इनमें कई लोग ऐसे होते हैं, जो अत्यधिक तनाव झेल नहीं पाते हैं। इस तनाव की वजह से उनके दिमाग में रासायनिक असंतुलन हो जाता है। इससे दिमागी परेशानियां शुरू हो जाती हैं। मनोचिकित्सक डॉ. अर्जित गौरव ने बताया कि शरीर और मस्तिष्क में विभिन्न केमिकल होते हैं। जब मेलाटोनिन रसायन शरीर में कम बनता है तो नींद कम आने लगती है। नींद की कमी होने से दिमागी थकान, चिड़चिड़ापन, गुस्सा आदि की समस्या हो जाती है। वहीं, शरीर में डोपामाइन की मात्रा बढ़ने से अधिक गुस्सा, सुस्ती, थकान महसूस होने लगती है। सेरोटोनिन कम होने पर अवसाद, उदासी, आत्महत्या करने के ख्याल, हताशा आदि होती है। इन रासायनिक असंतुलन से भी मानसिक स्वास्थ्य बिगाड़ सकता है। इससे कई लोग कल्पना और वास्तविकता में अंतर नहीं समझ पाते हैं। टोकाटाकी करने पर इनका व्यवहार आक्रामक हो जाता है। ऐसे लोग अपनों को ही चोट पहुंचाने लगते हैं। इस साल नौ सौ से अधिक मरीज इलाज कराने आ चुके हैं। वहीं, जिला अस्पताल की मनोचिकित्सक डॉ. शिकाफा जाफरीन ने बताया कि गांजा, चरस समेत कई तरह का नशा करने से भी लोग साइकोसिस का शिकार हो जाते हैं। जिन्हें ये बीमारी होती है, वो भ्रम रोग से ग्रसित हो जाते हैं। इसके अलावा दिमागी चोट से भी ये समस्या हो जाती है। ऐसे में कोई मरीज डर की वजह से अपने परिजनों के हाथ से खाना नहीं खाता है तो कोई रात में भी लाइट जलाकर सोता है। ऐसे मरीजों के व्यवहार में एकदम से बदलाव होता है। अगर शुरुआत में इलाज नहीं कराया गया तो ये बीमारी आगे चलकर सिजोफ्रेनिया में भी तब्दील हो जाती है। जो कि काफी खतरनाक होती है। उन्होंने बताया कि इस साल दो हजार से ज्यादा भ्रम रोग के मरीज इलाज कराने के लिए आए हैं।

केस-1

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रात दो बजे खाना बनाने लगती है वृद्धा

भ्रम रोग की समस्या से पीड़ित एक वृद्धा रात दो बजे से ही खाना बनाना शुरू कर देती है। वृद्धा को लगता है कि सुबह हो गई है। घर के सभी सदस्यों को भी उठाना शुरू कर देती है। इससे परिजन परेशान हैं।

केस-2

डॉक्टर साहब! मेरे शरीर पर कीड़े रेंग रहे हैं कुछ महीने पहले साइकोसिस का शिकार एक मरीज जिला अस्पताल में मनोचिकित्सक को दिखाने आया। मरीज ने कहा कि उसके शरीर पर कीड़े रेंग रहे हैं। जबकि, ऐसा कुछ नहीं था। दरअसल, उसे भ्रम रोग है।

ये हैं शुरुआती लक्षण

– अचानक असामान्य व्यवहार करने लगना

– नींद आना बंद हो जाना

– दिनभर गुमसुम बैठे रहना

– किसी की बात का जवाब नहीं देना

– दैनिक दिनचर्या का पालन नहीं करना



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