उरई। लूट के मामले में दोष सिद्ध होने पर विशेष न्यायाधीश डकैती कोर्ट अचल लवानिया ने पांच वर्ष की कारावास और तीन हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड न देने पर तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा। इस मामले में जिस सुनार के साथ लूट की वारदात हुई थी। उसी दुकान पर लुटेरे की पत्नी जेवर पहनकर पहुंच गई थी। सुनार ने अपने जेवर पहचान लिए थे। इसके बाद लूट का खुलासा हुआ था।
शासकीय अधिवक्ता महेंद्र विक्रम सिंह ने बताया कि माधौगढ़ कोतवाली क्षेत्र के बंगरा गांव निवासी रामबाबू स्वर्णकार ने 7 सितंबर 2018 को पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि बंगरा में सोने चांदी आभूषण की दुकान है। शाम करीब 6 बजे दुकान बंद कर घर जा रहा था। तभी बंगरा चौराहे पर तीन अज्ञात लोगों ने बाइक आगे लगाकर उनकी बाइक रोक ली और तमंचा लगाकर सोने चांदी से भरे बैग लूट ले गए।
पुलिस ने तीन अज्ञात लोगों के खिलाफ लूट की धारा में रिपोर्ट कर कर जांच शुरु कर दी थी। कुछ दिन एक महिला दुकान पर आई जो सोने चादी के जेवरात पहने थी। पहचान करते हुए पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने महिला को पकड़कर जेवर के बारे में पूछताछ की तो महिला ने बताया कि वह जो जेवर पहने हुए है, वह उसके पति लाए थे।
इस पर उसके पति भूपेंद्र यादव निवासी नुनायचा थाना माधौगढ़ को भी पुलिस पकड़ लिया था। पुलिस ने इस मामले में 28 जून 2019 को चार्जशीट दाखिल की थी। इसमें भूपेंद्र यादव को दोषी पाते हुए पांच साल की जेल और तीन हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई।
