चित्रकूट/खोही। अश्वनी मास की पितृ विसर्जनी अमावस्या का मुख्य स्नान 14 अक्तूबर शनिवार को है। प्रशासन ने इसमें लगभग पांच लाख श्रद्धालुओं के आगमन की संभावना पर 13 अक्तूबर शुक्रवार से तीन दिवसीय मेले की तैयारी की है। एक दिन पहले गुरुवार से ही धर्मनगरी में श्रद्धालुओं का जमावड़ा शुरु हो गया है। रामघाट, कामदगिरि परिक्रमा मार्ग सहित प्रमुख स्थानों पर श्रद्धालु देखे जा रहे हैं।
डीएम अभिषेक आनंद व एसपी वृंदा शुक्ला ने मेला क्षेत्र का भ्रमण कर व्यवस्थाएंं देखी। एमपी क्षेत्र में चित्रकूट थाना के सीओ रोहित राठौर के नेतृत्व में पुलिस बल ने मेला क्षेत्र का भ्रमण किया। डीएम ने बताया कि सेक्टर व जोनल मजिस्ट्रेटों की तैनाती के साथ ही पुलिस के जवानों की ड्यूटी लगाई गई है।
चित्रकूट। धर्मनगरी के भरत मंदिर के महंत दिव्य जीवनदास, आचार्य नवलेश दीक्षित ने बताया कि बनवास काल में भगवान श्रीराज जब चित्रकूट में थे। उन्हें अपने पिता की मृत्यु का समाचार यहीं पर मिला था। इस पर उन्होंने उन्होंने धर्मनगरी में पिंडदान किया था। उसी मान्यता के आधार पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पितृ विसर्जनी अमावस्या में चित्रकूट आते हैं।
चित्रकूट। अमावस्या पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 13 से लेकर 15 अक्तूबर तक भारी वाहन के प्रवेश में सुबह 5 बजकर 30 बजे से रात्रि नौ बजकर 30 तक धर्मनगरी क्षेत्र में रोक रहेगी। बनाए गए नो एंट्री के स्थानों पर बड़े वाहन खड़े किए जाएंगे। जिसमें रेलवे क्र ांसिंग के पूर्व प्रयागराज रोड, पुलिस लाइन तिराहा, बेड़ी पुलिया के पास मत्तगजेंद्र नाथ धर्मकाटा, लोढ़वारा मार्ग राजापुर, शेखनपुरवा मोड़, सोनेपुर-सतना मार्ग, बेड़ी पुलिया तिराहा से निर्मोही अखाड़ा यूपी-एमपी बार्डर तक, शिवरामपुर तिराहे से यूपीटी तिराहा, लोढ़वारा मोड, राजापुर मार्ग, शेखनपुरवा मोड, सोनेपुर-सतना मार्ग, बेड़ी पुलिया तिराहा से निर्मोही अखाड़ा यूपी-एमपी बार्डर तक, शिवरामपुर तिराहा से यूपीटी तिराहा, भरतकूप तिराहा से यूपी-एमपी बार्डर पीली कोठी में भारी वाहन खड़े रहेंगे।
