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उरई। बहन से शादी न कराने पर भाई के अपहरण के मामले में दोष सिद्ध होने पर विशेष न्यायाधीश मोहम्मद कमर ने दोषी को नौ साल की कैद और पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।

शासकीय अधिवक्ता ह्दयेश पांडे ने बताया कि जालौन कोतवाली के मोहल्ला कछोरन निवासी प्रमोद कुमार ने पुलिस को 20 अप्रैल 2015 को तहरीर दी थी। इसमें बताया कि 19 अप्रैल 2015 को औरैया जिले के दिबियापुर थाना क्षेत्र के भगुनापुर निवासी जसवंत उनकी बेटी से शादी करना चाहता था, लेकिन परिवार वाले शादी नहीं करना चाहते थे। इसी रंजिश में जसवंत ने उनके बेटे भारत का घर से अपहरण लिया। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी जसवंत भारत को छुड़ा लिया।

पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कोर्ट में 20 जुलाई 2017 को चार्जशीट दाखिल कर दी। इसकी गुरुवार को सुनवाई पूरी हुई। दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की जिरह और गवाहों के बयानों को सुनने बाद न्यायाधीश मोहम्मद कमर ने जसवंत को अपहरण के मामले में दोषी पाते हुए नौ साल का कारावास और पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।



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