बांदा। ससुराली जनों ने बहू को मारकर फंदे में लटका दिया था। इस मामले में प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश मोहम्मद कमरूज्जमां खान की अदालत ने शुक्रवार को पति, देवर व चचिया ससुर एवं सास को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही प्रत्येक पर 15-15 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर 6-6 माह की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। पति घटना के समय से ही जेल में है। सभी का सजायावी वारंट बनाकर पुलिस अभिरक्षा मे जेल भेज दिया गया।
अपर जिला शासकीय अधिवक्ता सुशील कुमार तिवारी व सहायक शासकीय अधिवक्ता श्रवण कुमार तिवारी ने बताया कि जसपुरा थाना क्षेत्र के बुघेड़ा गांव निवासी शिवनंदन निषाद ने बताया था कि उसकी पुत्री की शादी 2005 में जसपुरा थाना के अमारा गांव निवासी कल्लू उर्फ कल्यान निषाद के साथ की थी। 30 जनवरी 2013 को उसकी पुत्री रेखा के फंदे पर लटककर जान दिए जाने की सूचना मिली तो मौके पर पहुंचा। जाकर देखा तो उसकी बेटी का शव एक पतली सी प्लास्टिक की डोरी से लटका था। जहां रस्सी का फंदा गले में पड़ा था। वहां से लगभग तीन इंच नीचे गले मे निशान साफ दिखाई दे रहा था।
बेटी के दोनों पैर जमीन पर टिके हुए थे। साफ था कि इन्होंने मेरी बेटी की हत्या की है। बेटी की शादी के बाद से ही कल्लू निषाद उर्फ कल्यान, भोला निषाद पुत्र रामराज निषाद, राम प्रसाद पुत्र महावीर निषाद, महावीर पुत्र महिया निषाद व भूरी उर्फ भुलियां पत्नी रामराज निषाद सभी लोग मारपीट कर तंग करते थे।
प्राथमिकी दर्ज करने के बाद मामले का आरोप पत्र सभी के खिलाफ 24 फरवरी 2013 को विवेचक ने अदालत मे पेश किया। अदालत मे 24 अगस्त 2013 को आरोप बनाया गया। मामले की सुनवाई के दौरान महावीर की मृत्यु हो गयी। अभियोजन की ओर से छह गवाह पेश किए गए। पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने व अधिवक्ताओं के तर्क सुनने के बाद न्यायाधीश ने अपने 36 पृष्ठीय फैसले में चारों को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
