खोही(चित्रकूट)। पितृ विसर्जनी शनिचरी अमावस्या पर्व में धर्मनगरी के मंदाकिनी किनारे स्थित घाटों पर श्रद्धालुओं का सुबह से ही जमावड़ा रहा। तीन लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने मंदाकिनी नदी में डुबकी लगाकर अपने पूर्वजों को जल तर्पण व पिंडदान किया। भगवान कामदनाथ के दर्शन कर पंचकोसीय परिक्रमा लगाई। परिक्रमा मार्ग जय राम जय जय राम के मंत्रोच्चारण से गूंजता रहा।
शनिवार को तड़के ही श्रद्धालुओं ने मंदाकिनी नदी में स्नान किया। इसके बाद पूर्वजों को जल तर्पण कर पिंडदान किया। गरीबों को कपड़े व खाने पीने की वस्तुएं भी दान की। इस बार अमावस्या पर्व में कई प्रदेशों से श्रद्धालु आए। महाराष्ट्र के पूना के धीरेंद्र देशमुख, मोहन सदाशिव ने बताया कि पितृ विसर्जनी अमावस्या पर्व में वह कई साल से चित्रकूट तीर्थ स्थान में आते हैं।
अपने पूर्वजों को यहां जल तर्पण करते हैं। धर्मनगरी क्षेत्र के जानकीकुंड, सती अनुसुइया आश्रम व हनुमान धारा के भी दर्शन किए। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर डीएम व एसपी ने भी मेला क्षेत्र का भ्रमण किया।रैन बसेरा से लेकर कई वाहन स्टैंडों के पास गंदगी के बीच श्रद्धालुओं को ठहरने के लिए मजबूर होना पड़ा। कुछ ऐसी ही हाल बस स्टैंड व रेलवे स्टेशन का भी रहा।
