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यात्री बोले- सफाई पर ध्यान दे रेलवे

बसु जैन

झांसी। ट्रेनों में मिल रहे बेडरोल की गुणवत्ता और सफाई को लेकर यात्री सवाल उठा रहे हैं। कंबल इतना हल्का है कि रात के वक्त एसी में यात्री ठिठुर रहे हैं। वहीं कई यात्रियों को कंबल मिल ही नहीं पा रहे हैं। इसके साथ ही चादर और तकिये भी गंदे दिए जा रहे हैं। तकियों पर न तो कवर चढ़ रहा है और न ही धुलाई हो रही है। इसे लेकर यात्री लगातार रेलवे अफसरों से शिकायत कर रहे हैं।

दरअसल, ट्रेन के एसी कोच में सफर करने वाले यात्रियों को रेलवे की ओर से चादर, कंबल और तकिया मुहैया कराया जाता है। हर ट्रेन में तैनात कोच अटैंडर यात्री को ट्रेन में चढ़ने के बाद पूरा बेडरोल देता है, लेकिन इन दिनों ट्रेन में यात्रियों को गंदे बेडरोल दिए जा रहे हैं। यात्रियों ने समता एक्सप्रेस और ग्वालियर रतलाम एक्सप्रेस में गंदे बेडरोल और हल्के कंबल मिलने की शिकायत की। यात्रियों की शिकायत के बाद रेलवे अफसरों में हड़कंप मच गया।

इतना हल्का कंबल, पूरे सफर में ठिठुरता रहा

विशाखापट्नम से चलकर हजरत निजामुद्दीन जाने वाली समता एक्सप्रेस में झांसी से दिल्ली के लिए सफर कर रहे यात्री एम शर्मा ने एसी कोच में हल्का कंबल दिए जाने की शिकायत की। उन्होंने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर शुक्रवार सुबह ट्वीट कर रेल अफसरों को कंबल की गुणवत्ता के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि कंबल बेहद हल्का है और इसमें ठिठुरन हो रही है। इसके बाद रेलवे अफसरों ने शिकायत पर कार्रवाई शुरू की, लेकिन ट्रेन के दिल्ली पहुंचने तक कंबल नहीं बदला गया। बाद में उन्होंने रेलवे अफसरों को लिखा कि मुझे दूसरा कंबल नहीं चाहिए। मैं चादर से काम चला लूंगा।

चादर और तकिये बेहद गंदे मिले

नौ अक्तूबर को ग्वालियर रतलाम एक्सप्रेस में सफर कर रहे यात्री अनिल यादव ने भी ट्रेन के थर्ड एसी कोच में गंदे चादर और तकिये मिलने की शिकायत की। उन्होंने कहा कि यात्रा के दौरान कोच में तकिया और चादर बेहद गंदा मिला। कंबल भी साफ नहीं था। तकियों पर कवर भी नहीं चढ़ा था। उन्होंने लिखा कि रेलवे अफसर कम से कम यात्रियों को साफ-सुथरे चादर और तकिये तो मुहैया कराएं।

आए दिन आती हैं बेडरोल न मिलने की शिकायत

ट्रेनों में बेडरोल न मिलने की शिकायत आए दिन यात्री करते हैं। इसे लेकर कई बार यात्रियों का कोच अटैंडर से झगड़ा भी होता है। रेलवे अफसरों का कहना है कि यात्रियों को यात्रा शुरू होने के साथ ही बेडरोल मुहैया करा दिया जाता है।

ट्रेनों में यात्रियों को साफ-सुथरे बेडरोल ही दिए जाते हैं। इसमें शिकायत मिलने पर तत्काल बेडरोल बदलवाया जाता है। कई बार यात्री अपने प्रयोग किए हुए बेडरोल सीट पर छोड़ जाते हैं। सीट पर दूसरे यात्री के आने पर उनको नए बेडरोल दिए जाते हैं। – मनोज कुमार सिंह, पीआरओ, झांसी रेल मंडल



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