बांदा। शहर कोतवाली के बिजली खेड़ा मोहल्ला निवासी सब्जी विक्रेता की मौत हादसे में नहीं बल्कि पीटने से हुई थी। तीन युवकों ने उसकी पिटाई की थी। यह खुलासा सीसीटीवी फुटेज से हुआ है। पुलिस ने इस मामले में एक युवक को गिरफ्तार किया है। उसके दो साथियों की तलाश कर रही है।
पुलिस लाइन सभागार में एएसपी लक्ष्मी निवास मिश्र ने बताया कि तीन अक्तूबर की रात शहर कोतवाली क्षेत्र के बिजली खेड़ा मोहल्ले के रहने वाले सब्जी विक्रेता ओमप्रकाश प्रजापति का शव जंगल दफ्तर रोड पर वैष्णो देवी मंदिर के पास मिला था। शराब के नशे में दुर्घटना प्रतीत हो रही थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतक के शरीर पर चोटों के निशान मिले तो हत्या की आशंका पर जांच शुरू की गई।
मोहल्ले में लगे करीब छह सीसीटीवी की फुटेज देखी तो बिजली खेड़ा मोहल्ले की 22 फीट रोड दुल्हन ब्यूटी पार्लर के पास लगे सीसीटी में ओमप्रकाश को पीटते हुए तीन लोगों की रिकार्डिंग मिली। आरोपियों की तलाश शुरू की गई। सोमवार को शंकर नगर मोहल्ला निवासी अंकित चौरसिया को गिरफ्तार कर लिया। अंकित ने बताया कि उसके साथ कालू कुआं मोहल्ला का सौरभ दीक्षित व स्वराज कालोनी निवासी शिवाकांत तिवारी उर्फ नागू भी मारपीट में शामिल थे। सीओ गवेंद्र पाल गौतम ने बताया कि दोनों आरोपी फरार हैं। एक बाइक और एक मोबाइल फोन बरामद किया गया है। गिरफ्तारी टीम में शहर कोतवाल अनूप दुबे, एसएसआई कृष्ण देव त्रिपाठी शामिल रहे।
नशेबाजी में गालीगलौज से बढ़ गया था विवाद
पुलिस के मुताबिक ओमप्रकाश प्रजापति शराब का लती था। शाम को नशे में ही उसकी अंकित चौरसिया से बहस हुई। अंकित भी नशे में था। विवाद बढ़ने पर अंकित ने साथी सौरभ व शिवाकांत को फोन कर बुला लिया। ओमप्रकाश को लात-घूसों से पीटा और मरणासन्न कर दिया। बाइक पर बैठाकर उसे जंगल दफ्तर रोड पर वैष्णो देवी मंदिर के पास फेंक गए। रात भर वहां पड़ा रहने और खून बहने से उसकी मौत हो गई थी।
