अमर उजाला ब्यूरो
दतिया (झांसी)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम ने सोमवार को महादेव मंदिर के पास रहने वाले भाजपा पार्षद आकाश उर्फ अक्कू दुबे के चचेरे भाई विशाल पुत्र रामसहाय दुबे के घर पर छापा मारा। सुबह छह बजे से शाम पांच बजे तक ईडी की कार्रवाई चलती रही। ईडी ने यहां से लाखों की नगदी समेत जमीन व बैंक से जुड़े दस्तावेज बरामद किए हैं। एक बिना लाइसेंस के पिस्टल भी बरामद हुई। ईडी सारे दस्तावेज अपने साथ लेकर लौट गई।
सोमवार भोर को करीब साढ़े पांच बजे डिप्टी डायरेक्टर अखिलेश मीणा की अगुवाई में ईडी टीम भाजपा पार्षद के चचेरे भाई विशाल दुबे के घर पहुंची। ईडी टीम के पहुंचते ही यहां खलबली मच गई। परिवार के लोगों ने ईडी टीम को भीतर जाने से रोका। पुलिस के दखल देने के बाद ईडी टीम टीम भीतर जा सकी। इसके बाद ईडी करीब 11 घंटे तक तलाशी अभियान चलाती रही। ईडी को तलाशी में लाखों रुपए कैश, बैंक और जमीनों से जुड़े दस्तावेज मिले। कार्रवाई के दौरान विशाल के घर से एक अवैध पिस्टल भी मिली। ईडी अफसरों का कहना था कि ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफार्म महादेव से जुड़े मामले की छानबीन को लेकर छापा मारा गया। इस मामले में एफआईआर दर्ज कराई गई है। ईडी को मालूम चला कि महादेव एप के सरगना सौरभ चंद्राकर की दुबई में हुई शादी में शामिल होने के लिए दतिया से भी कुछ लोग गए थे। उनको भी पूछताछ के लिए तलाशा जा रहा है।
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महादेव गेमिंग से जुड़े सूत्र खंगाल रही ईडी
ईडी को मिले दस्तावेजों में दतिया के भी कुछ लोगों के नाम सामने आए हैं। इसी सिलसिले में ईडी टीम यहां पहुंची थी। अवैध पिस्टल के मामले में ईडी ने कोतवाली में विशाल के खिलाफ मामला दर्ज कराया जबकि मनी लॉड्रिंग मामले में ईडी खुद एफआईआर करेगी। कुछ समय पहले ही यहां से मृगांक मिश्रा को भी गिरफ्तार किया गया था। मृगांक ने सरकारी योजनाओं का लाभ देने के बहाने कई बैंक खाते खुलवाए थे। इन दिनों सभी के कनेक्शन की पड़ताल की जा रही है।
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आठ माह पहले झांसी में गिरफ्तार हुआ था महादेव एप का इंडिया हेड
दुबई में सौरभ की शादी में अपने दोस्तों को लेकर पहुंचा था सचिन
अंतरराष्ट्रीय गेमिंग एप महादेव का झांसी में तगड़ा जाल बिछा हुआ है। फरवरी माह में नोयडा पुलिस ने एसओजी की मदद से कोतवाली के गुलाम गौस खां पार्क के पास से इस गेमिंग एप के इंडिया हेड सचिन सोनी को गिरफ्तार किया था जबकि एक अन्य आरोपी नीरज गोस्वामी पुलिस को चकमा देकर थाईलैंड भाग गया था। नीरज को पुलिस आज तक तलाश नहीं कर सकी।
उस दौरान की जांच-पड़ताल में पुलिस को कई चौंकाने वाली बात मालूम चली थी। पड़ताल में मालूम चला था कि पूरा गेमिंग कारोबार 500 करोड़ का है। सरगना सौरभ चंद्राकार का दायां हाथ झांसी का रहने सचिन सोनी है। सचिन की मदद से सौरभ ने भारत समेत दुबई, नेपाल, हांगकांग, बांग्लादेश, श्रीलंका और पाकिस्तान सहित 11 देशों में नेटवर्क बना रखा है। फरवरी माह में गिरफ्तारी के कुछ समय बाद सचिन बाहर आ गया। पुलिस का कहना है कि पिछले दिनों दुबई में सौरभ चंद्राकर की शादी में वह भी शामिल हुआ था। शादी में कई जाने-माने फिल्मी सितारों को मोटी रकम देकर बुलाया गया था। ईडी को सुराग मिला कि सचिन झांसी से कई दोस्तों को लेकर सौरभ की शादी में शामिल होने गया था। ईडी की कार्रवाई आरंभ होते ही तमाम सटोरिए अंडर ग्राउंड हो गए हैं हालांकि क्रिकेट का विश्व कप होने की वजह से करोड़ों रुपये के दांव लगाने का खेल चल रहा है। पुलिस को भी इसकी भनक नहीं है।
