अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। चिरगांव के मियांपुर गांव में 1.25 करोड़ रुपये के घपले की जांच करने पहुंची टीम को ग्राम प्रधान और ग्रामीणों ने बंधक बना लिया। दोनों पक्ष से सैकड़ों लोग पंचायत भवन में जुट गए। दोनों पक्षों के बीच लाठी-डंडे भी चले। सूचना पर थोड़ी देर में भारी पुलिस बल भी पहुंच गया। पुलिस ने लाठियां पटककर उपद्रवियों को खदेड़ा। किसी तरह अफसरों को बाहर निकाला। ग्राम प्रधान पति समेत दोनों पक्षों से कुल ग्यारह लोगों को पकड़कर पुलिस थाने ले आई। उधर, हो-हल्ले और हंगामे के चलते टीम बीच में ही जांच छोड़कर लौट आई।
चिरगांव विकास खंड के मियांपुर की ग्राम प्रधान आरती यादव एवं उनके प्रतिनिधि पति पर मनरेगा समेत अन्य कार्यों में करीब 1.25 करोड़ रुपये के घपले का आरोप लगाते हुए स्थानीय निवासी बृजपाल, राजा सिंह, विजय यादव, अमित कुमार, राजेंद्र यादव समेत अन्य ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से शिकायत की थी। डीपीआरओ जगदीश राम ने पूरे मामले की जांच के लिए परियोजना अधिकारी (नेडा) वीरेंद्र कुमार एवं सहायक अभियंता अनंत अग्रवाल की दो सदस्यीय टीम बना दी। बुधवार दोपहर जांच कमेटी मियांपुर स्थित जूनियर हाईस्कूल पहुंची। जांच अफसरों केे पहुंचने की भनक लगते ही ग्राम प्रधान पक्ष समेत विपक्षी वहां जमा हो गए। दोनों पक्षों में गहमागहमी होने लगी। ग्राम प्रधान समर्थकों ने जांच दल के अफसरों को कमरे में बंधक बना लिया जबकि दूसरे पक्ष के लोग उनको मौके पर ले जाने पर अड़ गए। इस बात पर दोनों पक्षों में मारपीट होने लगी। मारपीट, हंगामे की सूचना पर थोड़ी देर में पुलिस पहुंच गई। पुलिस ने लाठियां पटककर वहां से लोगों को खदेड़ा। सीओ हरिमोहन सिंह के मुताबिक शांति भंग के आरोप में ग्राम प्रधान पति वीरेंद्र यादव समेत एक दर्जन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। जांच टीम वापस लौट गई।
