6000 हॉर्स पावर है इंजन की क्षमता, करीब 10 करोड़ है एक इंजन की लागत
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। अब ट्रेन के इंजन में लोको पायलट को गर्मी नहीं सताएगी। भारत हैवी इलेक्टि्कल्सल (भेल) ने आधुनिक डब्ल्यूएजी-9 इंजन बनाया है। इंजन की खासियत है कि इसमें एसी लगाया गया है। साथ ही टॉयलेट भी बना है। छह हजार हॉर्स पावर की क्षमता वाले इंजन मिलने के बाद कई मालगाड़ियों की रफ्तार बढ़ गई है। भेल ने रेलवे को 119 इंजनों की आपूर्ति कर दी है। जबकि आठ इंजन बनाने का काम भेल की झांसी यूनिट में चल रहा है। इन्हें दिसंबर 2023 तक रेलवे को सौंप दिया जाएगा। इसके बाद रेलवे के पास 127 आधुनिक इंजन हो जाएंगे।
भेल के अफसरों के मुताबिक एक इंजन की कीमत करीब 10 करोड़ रुपये है। इस इंजन की क्षमता भी छह हजार हॉर्स पावर है। इससे अधिक से अधिक रैक को खींचा जा सकता है। साथ ही इंजन की रफ्तार भी कम नहीं होती। वहीं इस इंजन की खासियत है कि इसमें ब्रेक लगने के दौरान बिजली पैदा होती है, जोकि ग्रिड में चली जाती है। इससे रेलवे को बिजली की बचत भी होती है। अफसरों के मुताबिक मिले ऑर्डर के तहत अब तक 119 इंजनों की आपूर्ति रेलवे को हो चुकी है। अब आठ इंजन और सौंपे जाने हैं। जिनको झांसी यूनिट में बनाने का काम तेजी से चल रहा है। दिसंबर तक रेलवे को इंजनों की आपूर्ति कर दी जाएगी। इन इंजनों के रेलवे के बेड़े में शामिल होने से मालगाड़ियों की रफ्तार बढ़ गई है।
नए साल में शुरू हो जाएगा वंदेभारत बनाने का काम
भेल की झांसी यूनिट में वंदेभारत बनाने का काम नए साल में शुरू हो जाएगा। मौजूदा समय में वंदेभारत की बोगी और एक्सल बनाने के लिए खरीद फरोख्त का काम चल रहा है। दरअसल, भेल को रेलवे से 80 वंदेभारत बनाने का ऑर्डर मिला है। भेल को 2025 तक दो ट्रेनें तैयार करके पहली सप्लाई देनी है।
प्रबंध निदेशक ने दिए तेजी से काम करने के दिए निर्देश
बीएचईएल के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक डॉ. नलिन सिंघल ने झांसी यूनिट का सोमवार को निरीक्षण किया था। इस दौरान उन्होंने वंदेभारत और डब्ल्यूएजी-9 इंजन के निर्माण की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि डब्ल्यूएजी-9 इंजन की आपूर्ति रेलवे को हर हाल में समय पर कर दी जाए। साथ ही वंदेभारत का निर्माण भी तेजी से किया जाए। प्रबंधक निदेशक ने ट्रांसफार्मर, फैब्रीकेशन एवं लोकोमोटिव कार्यशालाओं को भी देखा। इस मौके पर भेल की झांसी यूनिट के प्रमुख एवं वंदे भारत विनिर्माण भेल के समन्वयक विनय निगम ने दोनों परियोजनाओं को समय पर पूरा करने का आश्वासन दिया। बैठक में महाप्रबंधक परिचालन विपिन मिनोचा, महाप्रबंधक फैब्रीकेशन राजीव अग्रवाल मौजूद रहे।
भेल ने डब्ल्यूएजी-9 इंजनों की आपूर्ति शुरू कर दी है। आठ इंजनों की आपूर्ति शेष है। जिसे दिसंबर से पहले पूरा कर लिया जाएगा। – दिनेश परते, वरिष्ठ उप महाप्रबंधक, संचार एवं जनसंपर्क, झांसी
