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कोर्ट ने 45 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया, छह साल बाद आया फैसला

संवाद न्यूज एजेंसी

उरई। नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म के मामले में न्यायाधीश डॉ. अवनीश कुमार ने दोषी को 20 साल की कैद और 45 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा न करने पर दोषी को तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।

शासकीय अधिवक्ता बृजराज सिंह राजपूत ने बताया कि शहर कोतवाली क्षेत्र के एक मोहल्ला निवासी युवक ने 9 दिसंबर 2016 को तहरीर में बताया कि वह किराये में रहकर ट्यूशन पढ़ाता थे। उसी मकान में डकोर निवासी एक महिला भी किराएदार थी। महिला के पास कोंच कोतवाली क्षेत्र के ग्राम गोरा करनपुर निवासी राजकुमार का आना-जाना था।

छह दिसंबर 2016 को किरायेदार महिला उसकी बेटी को बहला कर बाजार ले गई। देर शाम तक बेटी घर नहीं लौटी तो पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी। पुलिस ने युवक के साथ किशोरी को 10 जनवरी 2017 को उरई रेलवे स्टेशन से तलाश लिया था।

पुलिस को किशोरी ने बताया था कि छह दिसंबर को वह कोचिंग से घर लौट रही थी। मच्छर चौराहे के पास राजकुमार मिला और उसे घर छोड़ने की बात कही। रास्ते में उसने कुछ नशा करा दिया और उसे लेकर ट्रेन से गुड़गांव ले गया। जहां किराए के कमरे में रहकर शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाए। एक महीने तक रखा। पैसे खत्म होने पर उरई लाया था।

पुलिस ने युवक को जेल भेज दिया था। किशोरी का मेडिकल परीक्षण करने के बाद न्यायालय में बयान दर्ज कराए गए। पुलिस ने 28 जनवरी 2017 को कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी। छह साल कोर्ट में चले ट्रायल के बाद शुक्रवार को सुनवाई पूरी हुई। दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की जिरह गवाहों के बयान सुनने के बाद न्यायाधीश डॉ. अवनीश कुमार ने राजकुमार को दोषी पाते हुए 20 साल कैद 45 हजार रुपये अर्थदंड लगाया।



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