संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन
Updated Sat, 21 Oct 2023 12:20 AM IST
उरई। दहेज उत्पीड़न के मामले में दोषी को दोषी ठहराते हुए एक साल की कैद व पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई। अभियोजन अधिकारी विनोद कुमार ने बताया कि शहर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला तुलसीनगर निवासी अलका गुप्ता ने पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि कानपुर नगर निवासी सचिन गुप्ता के साथ 2009 में विवाह हुआ था।
विवाह के कुछ दिन बाद ससुरालीजनों द्वारा दहेज उत्पीड़न के मामले में मारपीट कर दहेज मागने लगे। पुलिस ने पांच ससुरालियों के खिलाफ दहेज उत्पीड़न सहित अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी। न्यायालय में पांच ससुरालियों के खिलाफ 22 जनवरी 2010 को चार्जशीट दाखिल कर दी। 13 साल कोर्ट में चले ट्रायल के बाद शुक्रवार को सुनवाई पूरी हुई।
जिसमें दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की जिरह गवाहों के और साक्ष्य के आधार पर चार लोगों को दोषमुक्त कर दिया। जबकि पति सचिन को दोषी पाते हुए न्यायाधीश प्रियंका सरन ने एक साल की कारावास और पांच हजार रुपये अर्थदंड लगाया। न्यायाधीश ने आदेश में कहा कि जेल में बिताई गई अवधि भी सजा में शामिल होगी। (संवाद)
