सौ किलो वजन के मगरमच्छ को कंधे पर लादकर 300 मीटर दूर तक ले गया नौजवान
पिछले कई दिनों से मगरमच्छ की दहशत में जी रहा था पूरा गांव, परेशान थे लोग
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। यह नौजवान तो वाकई खतरों के खिलाड़ी निकले। 100 किलो वजन के विशालकाय मगरमच्छ को गांव के दो युवकों ने पकड़ लिया और फिर उसका मुंह रस्सी से बांध दिया गया। बाद में एक नौजवान ने उसे कंधे पर लादा और फिर पास के एक बांध में छोड़ दिया। हालांकि मगरमच्छ ने कई बार छूटने की कोशिश की लेकिन युवक की पकड़ इतनी मजबूत थी कि उसने हिलने तक नहीं दिया।
दरअसल ललितपुर कोतवाली क्षेत्र के गांव अनौरा में एक बड़े मगरमच्छ ने गांव में दहशत फैला रखी थी। हर कोई परेशान था। लोग जंगल में अकेले जाने से भी डरने लगे थे। शनिवार को गांव के ही आजाद सिंह ठाकुर के तालाब के पास यह मगरमच्छ फिर नजर आया। ग्रामीणों ने वन विभाग को भी सूचना दी। इसी दौरान गांव के युवक सोहन और संजू भी यहां पहुंच गए। इन युवकों ने ग्रामीणों की मदद से पहले मगरमच्छ का मुंह रस्सी से मजबूती के साथ बांध दिया। हालांकि इस दौरान मगरमच्छ ने हमला करने की कई दफा कोशिश की लेकिन दोनों नौजवान घबराए नहीं। दोनों युवकों की हिम्मत देख कुछ और ग्रामीण भी इकट्ठा हो गए। बाद में संजू ने अपने साथियों की मदद से मगरमच्छ को कंधे पर लाद लिया। संजू के कंधे पर मगरमच्छ था और पीछे पीछे ग्रामीणों की भीड़। इस दौरान कोई उसकी पूंछ पकड़ लेता तो कोई मुंह पर हाथ फेर रहा था। यह युवक मगरमच्छ को लेकर 300 मीटर तक पैदल चले फिर पिकअप वाहन में लादकर उसे सजनाम नहर पर ले गए। यहां उसके मुंह पर बंधी रस्सी को खोल दिया और नहर में छोड़ दिया। पिछले कई दिनों से मगरमच्छ की दहशत में जी रहे ग्रामीणों ने संजू और सोहन की तारीफ की।
पिछले दो महीनों में 25 मगरमच्छ घुस चुके आबादी में
झांसी। अगर 20 सितंबर से 21 अक्तूबर तक की बात की जाए तो झांसी और ललितपुर में 25 मगरमच्छ आबादी में घुस चुके हैं। झांसी में बेतवा नदी के किनारे सर्वाधिक मगरमच्छ पकड़े गए। पारीछा क्षेत्र में तो गांव तक आ गए थे। बाद में वन विभाग की टीम ने किसी तरह से रेस्क्यू करके इन्हें पकड़ा और नदी और बांध में छोड़ा। वन विभाग के अफसरों का कहना है कि बांध और नदियों में मगरमच्छ की संख्या काफी है। बरसात में जब नदियों और बांध में पानी बढ़ता है तो बाहर निकलने लगते हैं।
