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ललितपुर। शनिवार को आत्महत्या के इरादे से एक छात्रा ने गोविंद सागर बांध में छलांग लगा दी। जानकारी मिलते ही बांध चौकी में तैनात दरोगा साजेश कुमार भी पानी में कूद गए और उन्होंने उसे अचेतावस्था में बाहर निकाल लिया। हालत गंभीर होने पर उसे मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया है। मोबाइल फोन को लेकर परिजनों से हुए विवाद के बाद छात्रा ने यह कदम उठाया था।

शनिवार की दोपहर 22 वर्षीय एक छात्रा ने गोविंद सागर बांध पर स्थित पंप हाउस से छलांग लगा दी। उसे छलांग लगाते हुए वहां मौजूद मछुआरों ने देख लिया। उन्होंने इसकी सूचना मोबाइल के जरिए तत्काल दरोगा साजेश कुमार को दी। उस समय साजेश कुमार बांध के नजदीक ही थे, जिससे वे बगैर समय गंवाए बांध में कूद गए और छात्रा को बाहर निकाल लाए। पानी में डूबने से युवती अचेत हो चुकी थी। युवती के पेट में भरे पानी को बाहर निकालने के लिए पंपिंग की। इसके बाद उसे जिला अस्पताल भेजा गया। जानकारी मिलने पर परिजन भी अस्पताल पहुंच गए। उन्होंने बताया कि युवती बीए की छात्रा है। शनिवार को मोबाइल फोन को लेकर घर में विवाद हो गया था, जिसके बाद वह बाहर निकल गई थी। इधर, चिकित्सकों ने छात्रा की हालत गंभीर देखते हुए मेडिकल कॉलेज झांसी रेफर कर दिया।

बता दें कि उप निरीक्षक साजेश कुमार पहले भी एक युवक की जान बचा चुके है। कुछ माह पूर्व उन्हें मोहल्ला तालाबपुरा के एक घर में युवक के फंदे पर लटकने की सूचना मिली थी। इस पर उप निरीक्षक बंद कमरे का दरवाजा तोड़कर अंदर पहुंच गए थे और युवक को नीचे उतारा था।

बांध में युवती के कूदने की सूचना मिलने पर उपनिरीक्षक साजेश कुमार तत्काल मौके पर पहुंच गए थे और उन्होंने बांध में कूदकर पानी में डूब रही युवती को बाहर निकाला। उपनिरीक्षक द्वारा युवती की जान बचाने के लिए तत्परता दिखाई और इस कारण से युवती की जान बच गई। पुलिस ने अपनी मित्र पुलिस की भूमिका को सार्थक किया।

– मोहम्मद मुश्ताक, पुलिस अधीक्षक



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