संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। आईटीआई स्थित ड्राइविंग ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (डीटीआई) में हर समय दलाल सक्रिय रहते हैं। कर्मचारियों से सांठगांठ कर बिना ड्राइविंग टेस्ट दिए ही आवेदकों के लाइसेंस जारी किए जा रहे हैं। आवेदकों को इसके एवज में दो हजार से लेकर तीन हजार रुपये तक चुकाने पढ़ रहे हैं।
ड्राइविंग ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट में दो पहिया और चार पहिया वाहनों के रोजाना औसतन तीस से चालीस लोगों का ड्राइविंग टेस्ट लिया जाता है। टेस्ट देने से पहले यहां पर सक्रिय दलाल लोगों से संपर्क कर लेते हैं। इसके अलावा वाहन नहीं ले जाने पर यह दलाल ही वाहनों का भी इंतजाम करा देते हैं। इसके एवज में आवेदक को मोटर साइकिल के सौ रुपये और कार के दौ सौ रुपये अदा करना पड़ते हैं। मोटरसाइकिल का लाइसेंस बनवाने आए अमित वर्मा ने बताया कि ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट में टेस्ट देने के लिए आए हैं। इंस्टीट्यूट में दाखिल होते ही दलाल से बात हो गई है। दलाल ने 1500 रुपये लेकर टेस्ट पास करवा दिया है। एलएमवी लाइसेंस का टेस्ट देने के लिए पहुंचे जावेद अली ने बताया मोटर साइकिल और कार के लाइसेंस का टेस्ट देने के लिए आए हैं। ऑनलाइन स्लाट मिलने के बाद भी कोई कर्मचारी बात करने को तैयार नहीं है। यहां पर बिना दलाल के कोई भी काम नहीं होता है। एआरटीओ (प्रशासन) डॉ. सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि ड्राइविंग टेस्ट में पास होने के बाद ही लाइसेंस जारी करने का नियम है।
