– नए सत्र के बीत गए छह माह, उधारी पर काम चला रहे शिक्षक
संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों की कंपोजिट ग्रांट सत्र के छह माह बीतने के बाद भी जारी नहीं हुई है। लेकिन कंपोजिट ग्रांट खर्च करने के निर्देश जारी कर दिए गए थे।
बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालय में भी नया शैक्षणिक सत्र 1 अप्रैल से शुरू हो गया है। नए शैक्षणिक सत्र के छह माह बीत चुके हैं, लेकिन परिषद कंपोजिट ग्रांट जारी करना भूल गया है। छह माह से विद्यालयों के खर्च या तो शिक्षक अपनी जेब से कर रहे हैं, या फिर उधारी से। विद्यालयों में चॉक-डस्टर, रजिस्टर, झाडू, पेन सहित कई खर्च कंपोजिट ग्रांट से किए जाते हैं। इसके अलावा विद्यालयों में साफ-सफाई, कई कार्यक्रम, परीक्षा आदि का खर्च भी कंपोजिट ग्रांट से किया जाता है। गत सत्र में कंपोजिट ग्रांट देर से जारी हुई थी, इसके अलावा कंपोजिट ग्रांट को खर्च करने का तरीका भी बदल दिया गया था, इस कारण से लगभग 60 प्रतिशत कंपोजिट ग्रांट लैप्स हो गई थी।
इस सत्र में भी कंपोजिट ग्रांट अबतक जारी नहीं हुई है। लेकिन हाल ही में कंपोजिट ग्रांट खर्च करने के दिशा-निर्देश जरूर जारी कर दिए हैं। बीएसए नीलम यादव के अनुसार परिषद की ओर से ही कंपोजिट ग्रांट जारी किया जाता है।
