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अमर उजाला ब्यूरो

झांसी। नंदनपुरा इलाके में दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। मामूली सी बात पर नाराज होकर छोटे भाई ने अपने बड़े भाई की बूढ़ी मां के सामने ही सिलबट्टे से मार-मारकर नृशंस हत्या कर डाली। बूढ़ी मां चीखती चिल्लाती रही लेकिन सनकी युवक वार पर वार करता रहा। सूचना पर पहुंची पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

सीपरी बाजार के नंदनपुरा की गली नंबर एक का निवासी राम सिंह प्रजापति उर्फ कल्ली (56) पुत्र घासीराम प्राइवेट काम करता था। परिवार के साथ ही उसका छोटा भाई हरेंद्र (37) भी रहता है। हरेंद्र सनकी मिजाज का है। जरा सी बात पर गुस्सा हो जाता है। वह कोई काम भी नहीं करता है। इस वजह से बड़ा भाई रामसिंह उससे नाराज रहता था। सोमवार को परिवार के सदस्य बाहर गए थे। रात में सिर्फ राम सिंह, हरेंद्र और उसकी मां रामश्री (90) ही घर पर थे। पड़ोस के लोगों के मुताबिक राम सिंह रोजाना की तरह हरेंद्र को काम न करने पर खरी-खोटी सुनाने लगा। इसी को लेकर दोनों के बीच विवाद होने लगा। सनकी भाई अपने बड़े भाई पर भड़क उठा। उसने पास में रखा सिलबट्टा उठाया और राम सिंह के सिर पर दे मारा। राम सिंह लहू-लुहान होकर गिर पड़ा। उसके बाद हरेंद्र घायल राम सिंह के सीने पर बैठ गया और सिलबट्टे से ताबड़तोड़ वार करता रहा। चीख-पुकार सुनकर पड़ोस के लोग भी दौड़े-दौड़े आए। उस समय जमीन पर राम सिंह लहू-लुहान हाल में पड़ा तड़प रहा था। पड़ोसी उसे लेकर तुरंत मेडिकल कॉलेज पहुंचे। उसे इमरजेंसी वार्ड में भर्ती करा दिया गया। मंगलवार दोपहर उसकी मौत हो गई। उसकी मौत के बाद पुलिस भी पहुंच गई। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक राम सिंह की सारी पसलियां टूट गईं थीं। वहीं पुलिस ने आरोपी हरेंद्र को गिरफ्तार कर लिया है।

दोनों भाइयों के बीच अक्सर विवाद होता था। पूछताछ में मालूम चला कि गाली गलौज करने से नाराज होकर हरेंद्र ने बड़े भाई पर हमला कर दिया। परिजनों की तहरीर के आधार पर आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करके कार्रवाई की जा रही है।

ज्ञानेंद्र सिंह

एसपी सिटी

सनकी रवैये के चलते दस साल पहले छोड़ चुकी पत्नी

परिजनों का कहना है कि हरेंद्र की शादी बरुआसागर निवासी अनीता से हुई थी लेकिन, उसके सनकी रवैये की वजह से अनीता करीब दस साल पहले ही उसे छोड़कर मायके जाकर रहने लगी। हरेंद्र के कोई संतान नहीं है। हरेंद्र के खाने-पीने की जिम्मेदारी उसका भाई राम सिंह ही उठता था। उसी के परिवार के साथ हरेंद्र भी रहता है। वारदात के समय घर में बूढ़ी मां के अलावा कोई नहीं था। राम सिंह का बड़ा बेटा आनंद गरौठा में अपनी ससुराल गया था जबकि छोटा बेटा कुलदीप दतिया में था। चीख-पुकार सुनकर सबसे पहले पड़ोस में रहने वाली पुष्पा वहां पहुंची। राम सिंह को खून से सना देखकर उसने शोर मचाया।



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