कमासिन। राम भक्त हनुमान का रावण ने अपमान किया। उनका उपहसा उड़ाया। फिर उनकी पूंछ में आग लगा दी। लेकिन उसके बाद राक्षसों के पसीने छूट गए। हनुमान ने लंका में उसी जलती पूंछ से फूंक दिया। लंका धू-धू कर जलने लगी और भक्तों ने एक स्वर में जय श्रीराम जय राम भक्त हनुमान के जयकारे बोलने शुरू कर दिए।
कस्बे के उत्तर थोक में चल रही बाल लीला के आठवें दिन सीता हरण, लंका दहन आदि का मंचन हुआ। मेघनाद और लक्ष्मण के बीच युद्ध हुआ। लक्ष्मण ने बाणों के प्रहार से मेघनाद को मरणासन्न कर दिया।
इसके साथ ही मूर्छित होने पर हनुमान राक्षसी सेना को तितर वितर कर उन्हें श्रीराम के पास लेकर जाते हैं। हिमालय पर्वत से संजीवनी लाते हैं। मंचन में लक्ष्मण की इस स्थिति को देख राम के दुख से मौजूद भक्त दर्शक भी भावुक हो जाते हैं। इस दौरान श्रीराम भूमिका में शिवा, लक्ष्मण का अभिनय अंकित ने किया।
